प्रांतीय वॉच

कोरौना पेशेंट की मृत्यु पर मृतक के बेटे ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का लगाया इल्जाम इंचार्ज डॉ के के सहारे ने लापरवाही के इल्जाम को नकारा l

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(नवापारा राजिम रायपुर ब्यूरो) महेंद्र सिंह ठाकुर l कोरोना लगातार बढ़ते करोना पेशेंट और सीमित स्टाफ के साथ काम करते सरकारी अस्पताल के डॉक्टर एवं स्टाफ हमने पहले भी कहा था यह करो ना 19 नहीं इसे करोना 21 कहा जाए तो अति संयोक्ति नहीं होगी पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र मे करोना कहर ढा रहा था तभी हमें सावधान हो जाना था इसके साथ सभी तरह के विशाल कार्यक्रम चाहे धार्मिक हो खेल से संबंधित हो रोक लगा देनी थी विपक्ष का हल्ला सत्ता पक्ष की बैठक निर्णय लेते समय गुजरा यहां भी मजबूरियां हैं आर्थिक गतिविधियां नहीं संचालित होंगी तो अर्थव्यवस्था चरमराती है चीन की भेंट कोरोना 1 वर्ष से ऊपर हुआ हमारे देश और पूरे विश्व को हिला कर रख दिया एक साल के अनुभव ने यह साबित कर दिया कि आम जनता की सावधानी और हमारी समझदारी ही इसके बचाव का सबसे कारगर उपाय है आज देखने में यह आ रहा है इतना सब होने के बावजूद गांवो में लापरवाही जारी है जो नहीं होनी चाहिए इसके साथ प्रशासनिक अमला भी काफी सजगता और सहजता से काम करें चाहे स्वास्थ्य विभाग हो या पुलिस विभाग या अन्य इसमें कोई दो मत नहीं स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर की भूमिका हमेशा बहुत अच्छा रहा है लेकिन भगवान के दूसरे रूप माने जाने वाले इन योद्धाओं से आम जनता सामान्य से ज्यादा उम्मीद हमेशा करती रहेगी हम स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित राजिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे दिनांक 9 अप्रैल 2021 में ग्राम बोरसी विकासखंड फिंगेश्वर के स्वर्गीय श्यामा दास मानिकपुरी उम्र 55 वर्ष के पुत्र वीरेंद्र दास मानिकपुरी के आरोपों के बारे में बताते हैं उनके पुत्र और परिजन उक्त तारीख को श्यामा दास मानिकपुरी को राजिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए ले गए थे जिन के लक्षण कोरोना पॉजिटिव जैसे थे वीरेंद्र दास ने डॉक्टर और स्टाफ पर आरोप लगाया की सुबह 9:30 बजे से 12:00 बजे तक अस्पताल के बाहर उसके पिता बीमारी की हालत में असहाय पड़े थे वह सभी अस्पताल स्टाफ वालों से पिता को भर्ती करने और देख लेने की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुना इसी बीच राजिम के जुझारू पत्रकार प्रवीण देवांगन कोविड-19 का टीका लगवाने अस्पताल गए थे उनकी पहल पर उनको अस्पताल में भर्ती कर ऑक्सीजन सहित प्राथमिक उपचार शुरू हुआ डॉक्टर ने करोना टेस्ट करवाया जिसकी रिपोर्ट शाम 5:00 बजे आई पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर शाम 7:00 बजे श्यामा दास को गरियाबंद जिला कोविड-19 सेंटर रिफर किया गया वीरेंद्र दास ने बताया चंद घंटों के बाद ही उसके पिता की डेथ होने की खबर आई यहां उन्होंने अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही की वजह से पिता की मृत्यु होना बताया इस बारे में छत्तीसगढ़ वॉच ब्यूरो प्रमुख महेंद्र सिंह ठाकुर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजिम के प्रभारी डॉक्टर के के सहारे से बात की तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और बताया कि मरीज की स्थिति पहले से क्रिटिकल थी जैसे ही मरीज आया ड्यूटी में तैनात डॉक्टर और स्टाफ ने पूरा केयर किया लक्षण देखकर आशंका थी कोरोना पॉजिटिव की इसलिए टेस्ट कराया गया वर्तमान में सैकड़ा से ऊपर कोरोना टेस्ट अस्पताल में प्रतिदिन हो रहे हैं जिसमें रिपोर्ट आने में समय लग रहा है जैसे ही 5:00 बजेशाम को रिपोर्ट आई मरीज को गरियाबंद जिला कोविड-19 सेंटर रिफर कर दिया गया मेरे ऊपर मुख्यालय में ना रहने का आरोप बेबुनियाद है उसी दिन 24 घंटे की लगातार ड्यूटी की थी हमारे अस्पताल स्टाफ में काफी लोगों की ड्यूटी जिला मुख्यालय कोविड-19 सेंटर और अस्पतालों में है हमें सीमित स्टाफ में बहुत कठिन ड्यूटी करनी पड़ रही है यहां तक की होली दीपावली जैसे बड़े त्यौहार और अन्य अवसर में भी पूरा अस्पताल स्टाफ मुस्तैदी से ड्यूटी करता आ रहा है सामान्यतया छुट्टियां ना ली जाती हैं ना दी जाती है राजिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था ऐसी है कि यहां मगरलोड ब्लाक जिला धमतरी अभनपुर ब्लॉक जिला रायपुर सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में इलाज के लिए लोग आते हैं गरियाबंद जिला अस्पताल के पैरलल यह अस्पताल काम करता है लगातार करोना पॉजिटिव के बीच काम करते-करते चाहे जितनी भी सावधानी रखें हमारे स्टाफ भी लगातार इस वायरस के चपेट में आ रहे हैं इसके बाद भी हम अपनी ड्यूटी में बिल्कुल लापरवाही नहीं कर रहे हैं मृतक के बेटे और उसके परिवारके साथ पूरे स्वास्थ्य अमला की हमदर्दी है हमसे भरसक जो हो सकता था नियमानुसार सब किया मेरी मीडिया से निवेदन है कि पहले सारे तथ्यों और परिस्थिति की जानकारी ले लिया करें नहीं तो बेहद कठिन परिस्थिति में हम अपना कर्तव्य निभाते हैं और निरर्थक आरोप प्रत्यारोप से हमें तकलीफ होती है क्योंकि हम लोग भी आप लोगों के बीच से ही हैं हम कैसे ऐसी लापरवाही कर सकते हैं।यहां यह बताना लाजमी है कि उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जो कार्यशैली है वह बेहद नियमित और अच्छे ढंग से होती है चाहे वह डॉक्टर हो या चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तभी यहां धमतरी रायपुर जिले से काफी मरीज आते हैं। वही मृतक के बेटे वीरेंद्र दास ने छत्तीसगढ़ शासन से अपने पिता की मृत्यु पर अस्पताल प्रशासन के कार्यशैली की जांच कर दोषी को दंडित करने की मांग की है वीरेंद्र दास ने यह भी बताया उसके पिता को शुगर थी पहले नवापारा के प्राइवेट चिकित्सक को उसी दिन सुबह दिखाया था सीटी स्कैन करवाया था वहां भी डॉक्टर ने सिटी स्कैन देखा और पिता को बगैर हाथ लगाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजिम में भर्ती करने की सलाह दी थी तभी वह पिता को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा था।

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