संदीप दीक्षित/ बचेली। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त मंच ने 01 मार्च को इंटक मुख्यालय नई दिल्ली में सम्पन्न संयुक्त बैठक में श्रमिकों और किसानों के बीच विकसित एकता को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में संयुक्त कार्यवाही कार्यक्रमों के लिए समय-समय पर समन्वय करने का निर्णय लिया । बैठक में इस तथ्य की सराहना की गई कि किसानों ने 26 नवंबर को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर समर्थन प्रदान किया और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने भी 26 नवंबर से लगातार एकजुट होकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों को एकजुटता के साथ समर्थन दिया । इस बात पर सहमति बनी की किसानों की भूमि को बचाने, अनुबंध की खेती को रोकने और आवश्यक वस्तु अधिनियम के संशोधन के साथ-साथ राष्ट्रीय हित में बिजली संशोधन विधेयक को रोकने के लिए उनके संघर्ष को तेज करने की आवश्यकता है। सबका मानना था कि किसानों की उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य को वैध करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य सभी किसानों को मिले यह सुनिश्चित किया जाना है ।
15 मार्च को निजीकरण विरोध दिवस मनाएंगी ट्रेड यूनियन

बैठक में ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों को सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों पर खतरे तथा केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रहीं चार श्रम संहिताओं से देश के मजदूर वर्ग पर पड़ने वाले दुखद प्रभाव से अवगत कराया । इन श्रम संहिताओं से मजदूरों से यूनियन बनाने का अधिकार छीन जाएगा जिससे कार्यस्थल पर मजदूरों के शोषण में बढ़ोतरी होगी तथा कार्यस्थल सुरक्षा मानदंडों व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से मजदूर वर्ग वंचित हो जाएगा । दोनों पक्षों ने बताया कि उन्हें प्रभावित करने वाले अधिनियमों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अवहेलना करते हुए बिना उनसे परामर्श के तथा पारदर्शी संसदीय प्रक्रिया के बिना पारित किया गया था। उन्होंने कहा की किसानों व मेहनतकश वर्ग के खिलाफ कारपोरेट लूट एक बड़ी चुनौती है क्योंकि केंद्र सरकार कारपोरेट लूट के समर्थन में खड़ी है।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया कि 15 मार्च को निजीकरण विरोध दिवस के रूप में मनाया जाएगा तथा रेलवे स्टेशनों के समक्ष विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने 15-16 मार्च को बैंक हड़ताल, 17 मार्च को जनरल इंश्योरेन्स कंपनियों की हड़ताल व 18 मार्च को भारतीय जीवन बीमा कर्मियों की हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया है। इंटक के प्रदेश महामंत्री आशीष यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बचेली,किरंदुल, दल्ली राजहरा, नंदनी व हिर्री खदानों कार्यरत में इंटक से सम्बद्ध मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन द्वारा 15 मार्च को अपने अपने क्षेत्र में निजीकरण विरोध दिवस मनाया जाएगा तथा 15-16 मार्च को बैंक हड़ताल, 17 मार्च को जनरल इंश्योरेन्स कंपनियों की हड़ताल व 18 मार्च को भारतीय जीवन बीमा कर्मियों की हड़ताल में हड़ताली साथियों के साथ संयुक्त प्रदर्शन व नारेबाजी कर समर्थन दिया जाएगा I
