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ना सड़क की थिकनेस और ना गुणवत्ता फिर भी लाखों का मूल्यांकन पर सवाल

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टीकम निषाद/ देवभोग। ढाेडरा पंचायत में विधायक मद से बस्ती में बनाई गई सड़क मैं ना थिकनेस का ख्याल रखा। और ना गुणवत्ता के अनुसार कार्य हुआ। बावजूद इसके तकनीकी सहायक द्वारा रिवाइज स्टीमेट का हवाला देकर सड़क का मूल्यांकन कर फाइल ऊपरी अधिकारी को भेज दिया ।ताकि निर्माण एजेंसी को आसानी से राशि जारी कर दिया जाए ।जबकि सड़क पर सिर्फ गिट्टी सीमेंट रेती का मसाला बना कर डाल दिया गया है। यही वजह है कि यह सड़क कम और नाली ज्यादा नजर आ रही है। इसके अलावा सड़क मालीपारा पर अलग अलग बनाया गया है। जहां लंबाई चौड़ाई के साथ गुणवत्ता को भी दरकिनार कर दिया गया। जिसका परिणाम आज अच्छी खासी सामने है। अब लगता नहीं कि सड़क का निर्माण विधायक मद से कराया गया है। क्योंकि सड़क दरदरा होकर फट रही है ।जिसके लिए ग्रामीणों द्वारा तकनीकी सहायक को काफी हद तक जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्योंकि तकनीकी सहायक की देखरेख मे हीं एस्टीमेट के अनुसार सड़क निर्माण को संपादित किया जाता है। मगर तकनीकी सहायक की उदासीनता रवैया अपनाने के चलते लाखों की सड़क भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गई है। सबसे खास बात तो यह है कि सड़क बनने की माह भर बाद भी मुरूमी से साइड सोल्डर नहीं बनाया है। और सड़क निर्माण के समय वाइब्रेटर मशीन नहीं जाने की बात कहीं जा रही है ।जबकि मटेरियल की मजबूती के लिए वाइब्रेटर मशीन चलाए जाने का प्रावधान है। बकायदा सड़क की राशि में वाइब्रेटर मशीन की राशि भी शामिल होती है बावजूद इसके निर्माण एजेंसी मशीन नहीं चलाया गया यही वजह है कि सड़क की हालत माह भर बाद ही खस्ता हो गया  है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जबकि गुणवत्ताहीन  सड़क निर्माण कराए जाने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा खुलकर किया जा रहा है। फिर भी किसी प्रकार कार्यवाही देखने को नहीं मिला है। जिससे नाराज ग्रामीण अब सीधा जिला पंचायत सीईओ से पत्राचार के माध्यम से शिकायत करने की बात कही है।
नरसिंह ध्रुव सीईओ : बनाए गए सड़क की जांच कराया जाएगा और अगर इस्टीमेट विपरीत बनाया गया है तो नियमानुसार कार्यवाही किया जाएगा
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