बिलासपुर – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दायर एक महत्वपूर्ण याचिका में याचिकाकर्ता संजय अवस्थी को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने नायब तहसीलदार, रायपुर द्वारा जारी दिनांक 17.04.2026 के कब्जा आदेश के विरुद्ध अंतरिम आदेश जारी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के आवासीय मकान के कब्जे संबंधी कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई न की जाए
पूरा मामला
दरअसल, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि ऋण विवाद से संबंधित मामला वर्तमान में Debt Recovery Appellate Tribunal में लंबित है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि मूल ऋण राशि लगभग 2.35 करोड़ रुपये थी, जबकि याचिकाकर्ता द्वारा अब तक 3.13 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद तहसील प्रशासन द्वारा उनके आवासीय मकान को खाली कराने हेतु कब्जा नोटिस जारी कर दिया गया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अर्पित अग्रवाल ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए दलील दी कि डीआरएटी द्वारा पूर्व में याचिकाकर्ता को संरक्षण दिया गया था, किंतु तकनीकी कारणों से अपील गैर-हाजिरी में निरस्त हो गई। इसके विरुद्ध पुनर्स्थापन आवेदन भी प्रस्तुत किया जा चुका है और वह विचाराधीन है। ऐसे में मकान पर कब्जे की कार्रवाई न्यायहित के विरुद्ध होगी।
मामले की सुनवाई के पश्चात माननीय न्यायालय ने प्रथम दृष्टया परिस्थितियों को देखते हुए अंतरिम राहत प्रदान की तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के मकान के कब्जे को लेकर कोई कठोर कार्रवाई की जाए।

