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Assembly Election Result : 5 राज्यों में वोटों की गिनती शुरू, किसके सिर सजेगा ताज? आज खुलेगा राज

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Assembly Election Result: नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी, जिसमें सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी। इन नतीजों का असर न सिर्फ संबंधित राज्यों पर, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। पुडुचेरी को छोड़कर बाकी चार राज्यों के परिणाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

बंगाल का परिणाम न सिर्फ तृणमूल कांग्रेस, बल्कि आईएनडीआइए के लिए भी अहम साबित होगा। केरलम में माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ की हार की स्थिति में कई दशकों बाद किसी भी राज्य में वामपंथ की सरकार नहीं होगी।

 

तमिलनाडु में अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके का प्रदर्शन लगभग पांच दशक से चली आ रही अन्नाद्रमुक और द्रमुक की राजनीति को उलट-पुलट सकता है। असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत पूर्वोत्तर में पार्टी के प्रभुत्व को और मजबूत करेगी।

 

ज्यादातर एक्जिट पोल में बंगाल और असम में भाजपा को आगे दिखाया गया है। साथ ही केरलम में यूडीएफ और तमिलनाडु में द्रमुक की जीत का अनुमान लगाया गया है। सोमवार के चुनाव परिणाम से यह स्पष्ट हो जाएगा कि ये अनुमान चुनावी नतीजों में कितने बदल पाते हैं?

 

देशभर के लोगों की सबसे अधिक नजर बंगाल पर होगी

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में देशभर के लोगों की सबसे अधिक नजर बंगाल पर होगी। यदि ममता बनर्जी अपनी जमीन बचाने में सफल रही, तो क्षेत्रीय दलों के सामने भाजपा के कमजोर प्रदर्शन के विमर्श को बल मिलेगा।

 

वहीं ममता बनर्जी की हार की स्थिति में केंद्र की सत्ता में रहने के लिए भाजपा की हिंदी राज्यों पर निर्भरता में कमी आएगी। साथ ही क्षेत्रीय दलों के अपने-अपने राज्यों में अजेय होने का विमर्श खत्म हो जाएगा।

 

2024 में ओडिशा में नवीन पटनायक और 2025 में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से सत्ता छीनने के बाद भाजपा एक बार फिर यह साबित करने में सफल होगी कि क्षेत्रीय दलों को उन्हीं के घर में घुसकर चुनौती दी जा सकती है।

 

अधिकांश एक्जिट पोल भाजपा की बढ़त दिखा रहे हैं, लेकिन आमने-सामने के नजदीकी मुकाबले में बाजी कौन मारता है, यह देखना होगा। केरलम एक बार फिर भाजपा के लिए अबूझ पहेली साबित हो सकता है। अभी तक राज्य विधानसभा में भाजपा का पहली बार खाता 2016 में खुला था। लेकिन, 2021 में भाजपा का एक भी विधायक नहीं जीत पाया।

 

केरल में कांग्रेस का सकती है

2024 में पहली बार लोकसभा की एक सीट जीतने के बाद इस बार फिर विधानसभा में भाजपा को सीटें मिलने की उम्मीद की जा रही है। वहीं यूडीएफ की जीत की स्थिति में दक्षिण भारत में कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल होगी।

 

तेलंगाना और कर्नाटक के बाद केरलम में उसका तीसरा मुख्यमंत्री होगा। इसके अलावा सिर्फ हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। लगातार 10 साल की विजयन सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को देखते हुए यूडीएफ की जीत का अनुमान लगाया जा रहा है।

 

तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे

तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं। जयललिता के निधन के बाद अन्नाद्रमुक के हाशिये पर जाने का सिलसिला जारी रह सकता है। अन्नाद्रमुक के सहारे राजग को मजबूत करने की रणनीति पर भाजपा को फिर से विचार करना पड़ेगा।

 

वैसे एकमात्र एक्सिस माय इंडिया के एक्जिट पोल में टीवीके के अकेले सत्ता में आने का दावा किया गया है। बहुमत से कम सीटें रहने की स्थिति में कांग्रेस द्रमुक का साथ छोड़कर टीवीके का दामन थाम सकती है।

 

जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री स्टालिन को सत्ता से दूर रखने के लिए अन्नाद्रमुक भी टीवीके से हाथ मिला सकता है। अन्नाद्रमुक और द्रमुक के गठबंधन में शामिल पार्टियां भी नतीजों के अनुरूप अपना नया ठिकाना ढूंढने को मजबूर हो सकती हैं।

 

असम में आ सकती है भाजपा

एक्जिट पोल के मुताबिक असम के नतीजे आए तो भाजपा की पूर्वोत्तर में पैठ बनाने की कोशिशों को बल मिलेगा। साथ ही भाजपा में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की स्थिति और मजबूत होगी।

बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों के इर्द-गिर्द बुनी गई भाजपा की चुनावी रणनीति भाषा, क्षेत्र और नस्ल में बंटे हिंदुओं के हिंदुत्व के बड़े फलक के नीचे एकजुट होने के रूप में देखा जाएगा। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एन. रंगासामी के नेतृत्व में एआइएनआरसी और भाजपा की गठबंधन सरकार के सत्ता में बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

बंगाल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

294 सदस्यों वाली बंगाल विधानसभा की 293 सीटों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना होगी। दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर गड़बड़ियों के चलते मतदान रद कर दिया गया है। वहां 21 मई को नए सिरे से मतदान होगा। इस बार राज्य में अभूतपूर्व सुरक्षा तैनाती की गई है।

चुनाव आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। मतगणना केंद्रों पर रिटर्निंग अफसरों और पर्यवेक्षकों को छोड़कर सभी के लिए मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होगी। पहली बार, चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने की खातिर मतगणना कर्मियों के लिए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है।

उपचुनाव की मतगणना भी आज

पांच राज्यों की आठ सीटों पर भी सोमवार को ही मतगणना होगी, जहां मौजूदा विधायकों के निधन के बाद पिछले महीने उपचुनाव हुए थे। इनमें गोवा की पोंडा, कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण, नगालैंड की कोरिडांग, त्रिपुरा की धर्मनगर, गुजरात की उमरेठ और महाराष्ट्र की राहुरी तथा बारामती सीट शामिल है।

 

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