Baramati by-election: नई दिल्ली। एनसीपी के दिवंगत नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती उपचुनाव बिना किसी विरोध के जीत जाएंगी, क्योंकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है। यह चुनाव 23 अप्रैल को होना है। कांग्रेस ने गुरुवार दोपहर को अजित पवार के सम्मान में अपने कदम पीछे खींच लिए। अजित पवार की मृत्यु 28 जनवरी को तब हो गई थी, जब बारामती हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
पवार परिवार का गढ़ है बारामती
यह सीट 1991 के उपचुनाव से लेकर इस साल अपनी मृत्यु तक अजित पवार के पास रही। उससे पहले, 1967 से यह सीट उनके चाचा शरद पवार के पास थी। यह बड़े बारामती जिले का हिस्सा है, जिसे आम तौर पर पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल को फोन करके उनसे अपनी पार्टी के उम्मीदवार को चुनाव से हटाने का आग्रह किया। कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए आकाश मोरे को नामित किया था। शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुट के नेताओं की ओर से भी इसी तरह की अपीलें आईं, जिनमें पार्टी की कार्यवाहक प्रमुख सुप्रिया सुले और शरद पवार के पोते रोहित पवार शामिल हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि सुनेत्रा पवार ने खुद सीधे तौर पर सकपाल से बात की, ताकि कांग्रेस के साथ अजित पवार के संबंधों पर जोर दिया जा सके।
कांग्रेस ने कही ये बात
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “हमने अपना उम्मीदवार केवल भाजपा के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ के साथ अपने वैचारिक मतभेदों को दर्शाने के लिए उतारा था। अजित पवार की हार से हममें से कई लोगों को ठेस पहुंची है।”

