रायपुर। जागरूक पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा संचालित पियाली फाउंडेशन के तत्वावधान में 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर मेग्नेटो मॉल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुगम संगीत से हुई, जिसमें व्योम कुमार गोयल ने अपनी मधुर प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को आकर्षित किया।
इसके पश्चात पियाली फाउंडेशन के विशेष शिक्षकों शोभा, पुखराज, महेंद्र, महेश रोमांशु, लीलेश्वरी एवं भवानी द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के प्रति लोगों में समझ की कमी है। साथ ही, अभिभावक जानकारी के अभाव में भटकते और परेशान होते हैं।
कार्यक्रम में पियाली फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. मीता मुखर्जी ने ऑटिज्म के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है। उन्होंने बताया कि उचित प्रशिक्षण और थेरेपी के माध्यम से ऐसे बच्चों को सामान्य जीवन जीने में सक्षम बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री अजय कुमार चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई ऑटिस्टिक बच्चे उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्राप्त कर आज जीवन में अच्छा मुकाम हासिल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह धारणा गलत है कि ऑटिस्टिक बच्चे कुछ नहीं कर सकते। सही मार्गदर्शन, सहयोग और निरंतर प्रयास से ये बच्चे भी समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अभिभावकों को सही दिशा एवं जानकारी प्रदान करना था।

