रायपुर, 25 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने लंबे समय से लंबित स्टेटअप पुनरीक्षण को लेकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संघ के प्रांताध्यक्ष अजीत दुबे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राज्य गठन के बाद से वन विभाग में स्टेटअप का पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस मांग को लेकर संघ पिछले 25 वर्षों से शासन-प्रशासन के समक्ष लगातार ज्ञापन और आग्रह करता आ रहा था।
संघ के अनुसार, वर्ष 2001 में वन विभाग के विभिन्न वृत्तों के कर्मचारियों ने 26 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद मामला लंबित रहा। अब राज्य सरकार द्वारा वन कर्मचारियों के 1000 से अधिक पदों पर होली त्योहार से पूर्व स्टेटअप पुनरीक्षण का तोहफा दिया गया है, जिससे प्रदेशभर के वन कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि वर्तमान बजट में स्टेटअप पुनरीक्षण को स्वीकृति दिए जाने पर संघ ने मुख्यमंत्री, वन मंत्री, वित्त मंत्री, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं अपर मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया है। संघ ने उम्मीद जताई है कि इस निर्णय से विभागीय कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के हितों को मजबूती मिलेगी।
घोषणा के बाद संघ पदाधिकारियों ने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से सौजन्य मुलाकात कर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार मिश्रा सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
वन कर्मचारी संघ ने इसे कर्मचारियों के संघर्ष की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित होगा।

