रायपुर, 23 फरवरी |आज सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले ‘छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा’ आकोली नेवनारा, हसदा, सांकरा, बेरला, सौद, सिंवार, करामाल आदि गांवों में भ्रमण किया। विशेष रूप से सांकरा, बेरला के हरेक वार्डों में सभाएं हुईं। सभा को राज्य निर्माण संग्राम सेनानी श्री अशोक कश्यप, बृज बिहारी साहू एवं लक्ष्मीनारायण निषाद ने संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री अशोक कश्यप ने कहा कि इस अंचल के किसान एवं नौजवानों ने जिस प्रकार से राज्य निर्माण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था, उसी प्रकार से आज छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता पर, छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ के इतिहास पुरुषों का जगह-जगह अपमान/उपेक्षा हो रहा है। इसलिये बाहरी शोषकों के खिलाफ सभी छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों को राजनीति एवं जाति भेदभाव से ऊपर उठकर संघर्ष करने की जरूरत है।
आज की रथ यात्रा का पड़ाव सिंवार गांव में पहुंचा। गांव के बच्चे, महिलाएं एवं किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह छत्तीसगढ़ी महतारी की आरती उतार कर सैकड़ों की संख्या में सदस्यता ग्रहण किया। सभा के बाद किसानों एवं जवानों ने संकल्प लिया कि जिस प्रकार से हम लोगों ने राज्य निर्माण के आंदोलनों में भाग लिया है, उसी प्रकार से छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता के लिए भी एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और छत्तीसगढ़ के शोसको को भगाकर रहेंगे।

