रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित सुयश हॉस्पिटल में आज एंडो-सोनोग्राफी (EUS) विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आधुनिक तकनीक के जरिए पेट के अंदरूनी अंगों—जैसे लिवर, पैंक्रियास (अग्न्याशय) और गॉलब्लैडर (पित्ताशय)—की गहन जांच और इलाज की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि EUS तकनीक से पेट के भीतर मौजूद गांठों और जटिल बीमारियों का सटीक निदान किया जा सकता है। पैंक्रियास की सूजन के कारण पेट में जमा पानी की गांठ को भी इसी तकनीक से बिना बड़ी सर्जरी के निकाला जा सकता है। यह अत्याधुनिक विज्ञान का ऐसा नवाचार है, जिससे कई मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता टाली जा सकती है।
इस वर्कशॉप में डॉ चेलापति राव (विशाखापट्टनम), डॉ अमिताभ नायक (लंदन), डॉ संजय अग्रवाल रायपुर, डॉ जीवन लाल गिडले (भिलाई), डॉ मनोज लाहोटी (डायरेक्टर सुयश हॉस्पिटल, रायपुर) एवं डॉ अमित जोशी (सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट) के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

