देश दुनिया वॉच

BREAKING: डिप्टी कलेक्टर  दिलीप उइके सस्पेंड, महिला आरक्षक के आरोपों से मचा हड़कंप

Share this

BREAKING: बालोद/बीजापुर, 19 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक महकमे से जुड़ा एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। मामला बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, जबरन गर्भपात कराने और आर्थिक शोषण करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

 

12 बिंदुओं में मुख्य सचिव को शिकायत

 

महिला आरक्षक ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में विस्तृत शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि बीजापुर जिला प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर को संरक्षण दिया। फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने और नियम विरुद्ध अवकाश स्वीकृत करने जैसे आरोप भी शिकायत में शामिल हैं। महिला ने अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं।

 

2017 से शुरू हुआ संबंध, शादी का वादा बना जाल

 

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2017 में जब महिला डौंडी आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी, तभी दिलीप उइके से संपर्क हुआ। बातचीत प्रेम संबंध में बदली और शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए गए। महिला का आरोप है कि मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती होने पर शादी का भरोसा देकर दवा के जरिए गर्भपात कराया गया।

नौकरी लगी तो बढ़ी उम्मीद, लेकिन मिला धोखा

अगस्त 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई। उसने दिलीप की पढ़ाई और कोचिंग के लिए हर माह 4-5 हजार रुपये ट्रांसफर किए। वर्ष 2020 में पीएससी पास कर डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद दिलीप की बीजापुर में पोस्टिंग हुई। महिला का कहना है कि शादी का वादा लगातार टलता रहा, लेकिन संबंध बनाए जाते रहे।

2025 में तीन बार गर्भपात का आरोप

जनवरी, फरवरी और मई 2025 में महिला के गर्भवती होने पर जबरन दवा देकर गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा महिला ने बैंक से लोन लेकर कुल 3 लाख 30 हजार रुपये दिलीप के खाते में ट्रांसफर करने का दावा किया है।

कार खरीदी, फिर अपने नाम करा ली

महिला का आरोप है कि फरवरी 2023 में उसके नाम पर मारुति कार खरीदी गई, जिसे फरवरी 2024 में राशि ट्रांसफर कर डिप्टी कलेक्टर ने अपने नाम करा लिया।

FIR के बाद निलंबन

डौंडी थाना में दर्ज एफआईआर और मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है। यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *