CG BREAKING: रायपुर/बलरामपुर। बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक अंतर्गत हंसपुर गांव में कथित मारपीट के बाद ग्रामीण की मौत के मामले में पुलिस ने आखिरकार गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले में कुसमी के एसडीएम करूण डहरिया समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्राथमिक विवेचना के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा जारी संक्षिप्त विवरण के अनुसार, 15 फरवरी की देर शाम सूचना मिली थी कि ग्राम हंसपुर के जंगल क्षेत्र में तीन ग्रामीणों के साथ मारपीट की घटना हुई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद थाना कोरंधा में मर्ग क्रमांक 2/2026 कायम कर जांच प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान गवाहों के बयान और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि 15 फरवरी को एसडीएम कुसमी करूण डहरिया अपने तीन साथियों के साथ अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच और कार्रवाई के लिए हंसपुर जंगल क्षेत्र पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों पर अवैध उत्खनन का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की गई। इस कथित मारपीट के परिणामस्वरूप राम उर्फ रामनरेश (आयु लगभग 62 वर्ष) निवासी ग्राम हंसपुर की मौत हो गई। प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने एसडीएम करूण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत धारा 103(1), 115(2) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
घटना के संबंध में घायलों के बयान भी सामने आए हैं। घायल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे खेत से सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी सरना स्थल के पास उन्हें रोका गया और पूछताछ के बाद रॉड, डंडे एवं लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की गई। बताया गया कि मारपीट के दौरान एक ग्रामीण बेहोश हो गया, जिसके बाद सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान रामनरेश की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीणों का इलाज जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और संभावित हंगामे की आशंका को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कुसमी थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। बलरामपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी ने कुसमी पहुंचकर मामले की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
घटना के बाद कई सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, यदि एसडीएम अवैध खनन की जांच के लिए गए थे, तो वे सरकारी वाहन के बजाय निजी वाहन में क्यों पहुंचे? उनके साथ राजस्व विभाग के नियमित अधिकारी-कर्मचारी के बजाय निजी व्यक्तियों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं हैं। हालांकि, इन बिंदुओं पर आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। उल्लेखनीय है कि एसडीएम करूण डहरिया पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। उनके पिछले कार्यकाल के दौरान भी कुछ घटनाएं चर्चा में आई थीं। हालांकि, वर्तमान मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने मामले में हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन और पुलिस ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है तथा अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है।

