
हादसे में मृत सरपंच की क्षतिपूर्ति रकम को लेकर दो अलग-अलग पत्नियों ने किया दावा
बिल्हा।क्षेत्र के ग्राम पंचायत उमरिया में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है जहाँ एक सरपंच की मृत्यु सड़क हादसे में हो गई थी,जिसकी क्षतिपूर्ति को लेकर पहली पत्नी के दावा करने के उपरांत अब एक अन्य महिला भी पत्नी होने का दवा कर क्षतिपूर्ति की मांग करने के लिए न्यायालय पहुंच गई है। दरअसल बिल्हा के ग्राम पंचायत उमरिया के तत्कालीन सरपंच मोहन कुमार मरावी जिनका विवाह 3 वर्ष पहले ही हुआ था वह 15 अक्टूबर 2024 में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनका इलाज रायपुर में चल रहा था, इलाज के दौरान 22 अक्टूबर 2024 को उनकी मृत्यु हो गई। इसके पश्चात उनकी पत्नी राम कुमारी मरावी द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत क्षतिपूर्ति मुआवजा के लिए 17 जनवरी 2025 को दवा प्रकरण लगाया था जिसकी अनुमानित रकम 25 से 30 लख रुपए की है। वही दूसरी ओर ग्राम उमरिया की निवासी शिवरात्रि राजपूत पति सरोज राजपूत उम्र 35 वर्ष के द्वारा 18 जनवरी 2025 को कोर्ट में क्षतिपूर्ति को लेकर प्रकरण लगाया गया जिसमें उसका दवा है मृतक मोहन कुमार मरावी कि वह ब्याहता पत्नी है और इस क्षतिपूर्ति की रकम उन्हें प्राप्त हो। राम कुमारी मरावी द्वारा शिवरात्रि राजपूत के इस दावे को झूठा बताते हुए न्यायालय में भी आपत्ति दर्ज कराई है और उसके साथ ही बिल्हा थाने में इसकी लिखित शिकायत की है। जहां थाने द्वारा बी एन एस 174 के तहत कार्यवाही की गई है रामकुमार मरावी ने अपने साथ शादी से संबंधित कई दस्तावेज साक्षी के रूप में न्यायालय में जमा किए हैं जिसमे की विवाह का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निर्वाचन आयोग का पहचान पत्र निवास प्रमाण पत्र एवं मोहन मरावी का मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कई दस्तावेज और भी अन्य दस्तावेज शामिल है। शिवरात्रि राजपूत द्वारा भी आधार कार्ड प्रस्तुत किया गया है जिसमें उसके पति का नाम मोहन कुमार मरावी दर्ज है।
दुसरीदावेदर अपने पति के साथ
दूसरी जगह आवेदक शिवरात्रि राजपूत वर्तमान में अपने पति और चार बच्चों समेत भरे पूरे परिवार के साथ ग्राम उमरिया में ही निवास करती है।
सरपंच ने भी की है पुष्टि
वर्तमान की सरपंच जमुना मेहर ने भी यह प्रमाणित किया है कि राम कुमारी देवी एकमात्र मृतक मोहन कुमार मरावी की पत्नी है।
दोनों के आधार कार्ड में पति का एक नाम
दोनों महिलाओं के आधार कार्ड में पति का नाम मोहन कुमार मरावी दर्ज है। पहचान पत्र के तौर पर अहम दस्तावेज जैसे आधार कार्ड में भला हेर फेर कैसे हो सकता है….
