तापस सन्याल/भिलाई। मंगलवार 26 जनवरी को शारदा विद्यालय, रिसाली में बहत्तरवां गणतंत्र दिवस समारोह नवीन विश्वास, नई रौशनी की आशा के साथ मनाया गया। समारोह का आरंभ शकुन्तला ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर एवं मुख्य अतिथि माननीय संजय ओझा के द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया झंडोत्तोलन के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया। रंग -बिरंगें गुब्बारों को असीम अम्बर के सुपुर्द इस आस्था के साथ किया गया कि आनेवाला समय मानव जगत में उल्लास एवं सुदृढ़ता लाएगा। इसके पश्चात पुष्प गुच्छ एवं बैच लगाकर उपस्थित सभी गणमान्य अथितियों का स्वागत किया गया। विद्यालय प्राचार्य गजेन्द्र भोई ने स्वागत भाषण दिया तथा गणतंत्र दिवस को उन सभी समस्याओं से मुक्ति का शुभारम्भ माना , जिनका गत वर्ष साक्षी था एवं संविधान को भारतीय मानसिक स्वतंत्रता का साधन मानने की अपील की । शिक्षिका मोनालिका शुक्ला एवं रीना राँय ने देशभक्ति गीत से स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्वांजलि दी। मुख्य अतिथि संजय ओझा ने अपने उद्बोधन में कहा कि, आज भारत विपरीत परिस्थिति से उसी प्रकार आज़ाद होने का प्रयास कर रहा है, जिस प्रकार आज से 72 साल पहले आज़ादी के लिए भारत एकजुट हुआ था। आज भारत उम्मीदों के नए पायदान पर खड़ा है जहाँ भविष्य सुनहरा किन्तु संघर्षो से भरा है। आज विद्यार्थियों ने , शिक्षको नें आभासी शिक्षाण की नई चुनौतियों का सामना करके शिक्षा पद्वति के भावी आयाम को सलामी दी है। गणतंत्र दिवस उद्घोष है विजय का, समृद्वि का । उन्होंने यह भी कहा कि आज भारतीय संविधान की पुन: समीक्षा की आवश्यकता है जिससे नियमों के तहत सभी अनदेखे रास्ते आसान बन सकें। कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन हेडमिस्ट्रेस पुष्पा सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर विपिन ओझा ( चेयरमैन स्कूल मैनेजिंग कमेटी )एस.एस.गौतम (प्रिंसिपल एडमिनिस्ट्रेशन शंकुतंला विद्यालय ), विद्यालय मैनेजर ममता ओझा, विभोर ओझा, सीनियर मिस्ट्रेस पूजा बब्बर तथा समस्त शिक्षक वृंद ने विद्यार्थियों को एवं उनके अभिभावकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभगामनाएँ प्रेषित की ।
नई उमंग, नई आशाओं के साथ शारदा विद्यालय, रिसाली में मनाया गया गणतंत्र दिवस समारोह

