- लहरो से डरकर नौका पार नही होती कोशिस करने वालो की कभी हार नही होती, अंततः सत्य की हुई जीत
- सरपंच संघ छूरा द्वारा गरियाबंद जिलाधीश को आवेदन कर हड़ताल वापसी की दी जानकारी
यामिनी चन्द्राकर / छुरा : कहते है सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही यह कहावत छूरा जनपद के मुख्यकार्यपालन अधिकारी रुचि शर्मा के ऊपर सटीक बैठता है जनपद पंचायत छुरा के सरपंच संघ द्वारा छुरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी रुचि शर्मा को हटाने के लिये 11 तारीख से मनरेगा ऑफिस के सामने टेंट लगाकरअनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे थे सरपंच संघ द्वारा छूरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी रुचि शर्मा के ऊपर सरपंचो से बदसलुकी व कमीशन खोरी का आरोप लगाते हुए उनके स्थान्तरण की मांग राजिम विधायक व राज्यपाल से करते हुए समस्त सरपंच पंचायतो के काम छोड़ कर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे थे लेकिन आज हड़ताल के 9 वे दिन में इस मामले में एक नया मोड़ आ गया जो सरपंच संघ कल तक मुख्यकार्यपालन अधिकारी के ऊपर कई गम्भीर आरोप लगाए थे उन्ही सरपंचो ने आज गरियाबंद जिले के जिलाधीश को लिखे पत्र में सरपंच संघ छुरा द्वारा जनपद पंचायत छुरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के ऊपर सरपंच संघ द्वारा लगाए गए सभी आरोप को मिथ्या व निराधर बताया साथ ही उक्त शिकायत का वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नही होना बताया है। सरपंच संघ छूरा द्वारा जिलाधीश को दिए गए आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके द्वारा मुख्यकार्यपालन अधिकारी के ऊपर लगाए गए आरोप का खंडन करते हुए हम समस्त सरपंच गण हड़ताल समाप्त कर अपने अपने पंचायत वापस हो रहे है। उल्लेखनीय है कि सरपंच संघ द्वारा एक महिला अधिकारी के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर हड़ताल पर बैठना और फिर उन्ही सरपंच संघ द्वारा जनपद सी ई ओ पर लगाये गए आरोप का खण्डन करते हुए सभी आरोपो को मिथ्या निराधर बताने की चर्चा छुरा नगर में जोरो पर है। इस सम्बंध में जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि सरपंच संघ छूरा द्वारा गरियाबंद जिलाधीश महोदय को सरपंच संघ के लेटर पैड में आवेदन प्रस्तुत कर संघ द्वारा जारी हड़ताल को वापस लेना बताया गया।

