डोंगरगढ़ : इंदिरा नगर स्थित बीड़ी श्रमिक कॉलोनी में अवैध कब्जा कर रह रहे 16 परिवारों को बेदखल करनें के बाद उन्होंने एक रात कॉलोनी के बाहर खुलें आसमान के नीचे रात गुजारी तो दूसरी रात विधायक निवास के सामनें डेरा डाल दिया। षुक्रवार की रात इन परिवारों ने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर बाहर ही रहे। षनिवार को सुबह विधायक भुनेष्वर बघेल के निवास पहुंचे। लेकिन मुलाकात नहीं होनें पर निवास के सामनें ही बैठे रहे। रात में निवास के सामनें भोजन पकाया और रात गुजारी। रविवार को सुबह विधायक बघेल व नगर पालिका अध्यक्ष सुदेष मेश्राम मुलाकात करनें पहुंचे। बेदखल परिवार के लोगों ने कहा कि सभी मजदूर वर्ग से है और पिछलें 10-15 वर्शों से बीड़ी कॉलोनी में निवास कर रहे है। षासकीय दस्तावेजों में भी उनके नाम दर्ज है। लेकिन सिर्फ आवास के लिए अपात्र बताकर घर से बेदखल कर दिया गया। अब ऐसी स्थिति में ठंड के मौसम में कहा जाएं। साथ ही उन्होंने षिकायत करतें हुए कहा कि जिन्हें पात्र बताकर आधिपत्य प्रमाण-पत्र दिया गया है, उनमें अधिकतर लोगों के पास षहर के अन्य जगहों पर मकान है। वहीं बीड़ी बनानें का काम भी अब नहीं करतें। लेकिन आवंटन कमेटी ने सारें नियमों को दरकिनार करतें हुए ऐसे परिवारों को पात्र बताकर आवास आवंटन कर दिया गया है। वहीं बेघर किए गए परिवार रोजी-मजदूरी करके गुजारा कर रहे है। इसलिए उन्हें भी खाली आवासों में रहनें के लिए स्थान दिया जाएं। दो रात खुलें आसमान के नीचे गुजारनें के बाद जनप्रतिनिधियों ने सूध लिया और रहनें की अस्थाई व्यवस्था की।
स्थल में मिला परिवारों को आश्रय- विधायक भुनेष्वर बघेल ने चर्चा कर बेघर लोगों की समस्याओं को स्वयं उनके बीच बैठकर सुना। जिसके बाद इन परिवारों के रहनें की अस्थाई व्यवस्था मेला ग्राउंड के समीप बनें आश्रय स्थल में किया गया। साथ ही इनके लिए राषन आदि की भी व्यवस्था की गई। फिलहाल स्थाई व्यवस्था नहीं होनें तक बेघर परिवार आश्रय स्थल पर ही रहेंगे। इस दौरान षहर कांग्रेस अध्यक्ष संजीव गोमास्ता, रिम्मी भाटिया, अनिल मेश्राम, वसीम खान, इंदरपाल राजा, नलिनी मेश्राम, गणेष मुदलियार, अमन उजवने, प्रमोद सिंह ठाकुर, राहुल यादव व अन्य मौजूद रहे।
अजा वर्ग के जनप्रतिनिधि होनें के बाद भी कर दिया बेसहाराः रामटेके- पूर्व पार्शद व भाजपा नेता मुकेष रामटेके ने बीड़ी कॉलोनी से निकालें गए गरीब लोगों को लेकर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को रखा। उन्होंने कहा कि षर्म की बात है कि षहर में अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यक्ष होनें के बाद भी एससी वर्ग के लोगों को ठंड में बेदखल कर दिया गया है और 10-15 वर्शों से रह रहे लोगों से वोट मांगकर अब उन्हें ही बाहरी बता रहे है। एससी वर्ग के जनप्रतिनिधि होनें के बाद भी गरीबों को बेसहारा कर दिया गया। उन्होंने मांग करतें हुए कहा कि आखिर कब तक भवन में आश्रय दिया जाएगा। जबकि गरीबों के लिए आवास खाली है वहां पर रहनें की व्यवस्था स्थाई रूप से करनें की मांग की।
बीजेपी बेवजह राजनीति कर रहीः बघेल- विधायक व अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेष्वर बघेल ने कहा कि बीड़ी श्रमिक कॉलोनी के पात्र हितग्राहियों का चयन नियमानुसार हुआ है। अपात्र लोगों ने कब्जा कर लिया था इसलिए प्रषासन ने कार्रवाई की। लेकिन हमारी जवाबदारी है कि इन्हें तत्कालीन मदद पहुंचाएं। इसलिए इनके रहनें की फिलहाल व्यवस्था आश्रय स्थल में की गई है। गरीबों के नाम से बीजेपी बेवजह राजनीति कर रही है। ऐसे समय में राजनीतिक रोटी सेकना कहा तक सही है। हमें सभी वर्ग के लोगों की चिंता की है।
आश्रय स्थल में इंजीनियर मेहरा का डेरा- आश्रय स्थल बननें के बाद नगर पालिका ने अब तक किसी गरीब को आश्रय नहीं दिया था। बल्कि नई बिल्डिंग में नगर पालिका के इंजीनियर विजय मेहरा कब्जा जमाकर रह रहे है। षासकीय अफसर लंबे समय से आश्रय स्थल में जमे हुए है। जबकि उन्हें नगर पालिका कर्मचारियों के लिए सरकारी र्क्वाटर बनें हुए है या फिर स्वयं खर्च करके रहना है। लेकिन साल भर से आश्रय स्थल का निर्माण होनें के बाद अब तक लोगों के लिए सार्वजनिक नहीं किया गया है। जबकि बिल्डिंग में संसाधनों की खरीदी हो चुकी है। इसें महिला समूहों के माध्यम से संचालित करना है।
विधायक निवास के सामनें बेदखलों ने रात भर डाला डेरा, स्थल में मिला आश्रय

