
मस्तुरी विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 32 आरक्षित सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए क्षेत्रीय उम्मीदवार की मांग इन दिनों जोर पकड़ता हुआ दिख रहा है।
सीपत/सतीश यादव– इसी विषय पर मल्हार का विश्राम गृह में कांग्रेस के क्षेत्रीय दावेदारों का आकस्मिक बैठक रखा गया था। इस एजेंडे पर सभी दावेदारों ने एकमत से निर्णय लिए हैं कि किसी भी बाहरी उम्मीदवार को थोपे जाने पर उन्हे आपत्ति है । उन्होने कहा है कि मस्तुरी से ही कांग्रेस अपना प्रत्याशी तय करे । सब मिलकर पार्टी का रीति-नीति से चुनाव में काम करेंगे । और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने का काम करेंगे। हरहाल में इसबार मस्तुरी से भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया है।
दावेदारों ने कहा कि लगातार पार्टी गतिविधियों में क्षेत्र के लोग ही सक्रियता से पिछले कई वर्षों से खड़े रहे हैं । जबकि आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों पर लगातार क्षेत्र के कार्यकर्ता का पूरा हिस्सेदारी रहा है। ऐसे समय में मौकापरस्त किसी बाहरी बरसाती मेढक की तरह आये हुए आयातित व्यक्ति को प्रत्याशी बनाकर भेजा जाना क्षेत्र के कांग्रेसियों के साथ अन्याय होगा।
उम्मीद और पूरा भरोसा किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़िया मुख्य मंत्री माननीय भूपेश बघेल, जांजगीर सांसदीय क्षेत्र में शामिल मस्तुरी विधान सभा से तब समय में बढ़त रहे तत्कालीन सांसद आदरणीय चरणदास महंत और कुमारी सेल्जा जी जैसे अनुभवी प्रभारी तथा बाबा साहब महराज जी जैसे कुशल चुनावी कारीगर के रहते यहां किसी बाहर से प्रत्याशी को नही भेजा जायेगा। पूरा भरोसा किया जा रहा है कि मस्तुरीवालों के साथ अन्याय नही किया जायेगा । मस्तुरी से लोकल उम्मीदवार उतारे जायेंगे। चूंकि हर एंगल से सक्षम व्यक्ति आज मस्तुरी की धरती में मौजूद है।
विधान चुनाव 2023 को अब चंद महीने बच गए हैं। सरगार्मियां तेज हो गई है। उम्मीदवार चयन का दौर चल रहा है । उच्च स्तर पर बैठक पर बैठक हो रही है जहां किसी गोपनीय सूत्रों से दावेदारों को ज्ञात हुआ है कि चंद दलालों के कथित चाटुकारिता में आकर एक सारंगढ़ जिले से कथित राजनीतिक घराने का मस्तुरी में मौकापरस्त बाहरी व्यक्ति को कोसों दूर से पसंद किया जा रहा है। उसे उच्च पहूँच का लाभ भी मिल रहा है ऐसी चर्चा है। उसके लिए सवाल कई हैं जैसे मस्तुरी सीट फतह करने के लिए क्या वह भाजपा का कद्दावर नेता बांधी को परास्त करने में सफल माना जायेगा । जिसको चुनाव का मस्तुरी से कोई अंदर की जानकारी नही है। न ही उसको यहां की जमीनी पकड़ है । न कोई उसे चुनाव लड़ने का अनुभव है । गत कुछ माह पहले ही बतौर मेहमान कांग्रेसी बनकर आया है। उसको मस्तुरी की तासीर से कोई लेना देना नही है और न यहां की सामाजिक राजनीतिक समीकरण की जानकारी है।
जबकि दावेदारों से हटकर देखा जाए तो गांव शहर व मुहल्ला टोला में बाहरी प्रत्याशी का खबर के बाद चर्चा जोरों पर है कि बाहरी व्यक्ति मस्तुरी का समीकरण क्या समझेगा ? और बीजेपी को पटखनी दे पायेगा ? “अच्छा होगा कि समय रहते कांग्रेस के उच्चस्तरीय टीम मस्तुरी से क्षेत्रीय व्यक्ति पर ही भरोसा करें नही ती वह समझ नही पायेंगे और विधान सभा 2023 का परिणाम पूर्व की तरह फिर चौकाने वाला आ जायेगा ।ऐसे में मस्तुरी को साध पाना कांग्रेस के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।
नगर पंचायत मल्हार का रेस्टहाउस में आयोजित बैठक में अनु.जाति के कई कद्दावर नेतागण शामिल हुए जिसमें पूर्व विधायक दिलीप लहरिया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष डाक्टर प्रेमचंद जायसी, प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति से राजकुमार अंचल, प्रदेश कांग्रेस का नव नियुक्त सचिव अशोक राजवाल, प्रदेश सचिव महिला प्रकोष्ठ कांग्रेस श्रीमती सुक्रीता खूंटे, जिलापंचायत सभापति राहूल सोनवानी, राजेश्वर भार्गव, युवाकांग्रेस ब्लाक उपाध्यक्ष देवेन्द्र कृष्णन , मनोहर कुर्रे पूर्व सभापति जनपद पंचायत मस्तुरी , उमेद कुर्रे सेवादल प्रदेश पदाधिकारी, लक्ष्मी भार्गव ब्लाक उपाध्यक्ष, श्रीमती प्रियंका महानंद, लक्ष्मण कांत पूर्व जयरामनगर मंडी का अध्यक्ष, मनोज खरे, राजू सूर्यवंशी (जिलायुवक कांग्रेस उपाध्यक्ष), सहीत श्रीमतीबिन्द्रम जायसी दामोदर कांत सभापति जनपद पंचायत मस्तुरी और रीतुराज भार्गव सुभाष टंडन और पूर्व टी आई जी एस जौहर , ट्विंकल घृतलहरे सहीत कई प्रमुख दावेदार मस्तुरी स्थानीय से उपस्थित थे।
