
बाल सुधार गृह में अव्यवस्था देखकर न्यायिक अधिकारियों की टीम ने जताई नाराजगी।
बिलासपुर। कांकेर जिले में स्थित शिवनगर दत्तक ग्रहण केंद्र में मासूम बच्चों की पिटाई का मामला उजागर होने के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और हाईकोर्ट के सीनियर जस्टिस गौतम भादुड़ी ने गंभीरता दिखाते हुए रिपोर्ट मंगाई थी। यह मामला सामने आने के बाद उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट जज के साथ विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों को बाल गृह और बच्चों के आश्रमों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था| इसी सिलसिले में जांच करने हेतु राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल, उप सचिव गिरीश कुमार मंडावी, विधिक सहायता अधिकारी शशांक शेखर दुबे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सचिव राकेश सिंह सोरी की टीम ने बीते मंगलवार को सरकंडा के नूतन चौक स्थित बाल सम्प्रेक्षण गृह, प्लेस ऑफ सेफ्टी होम और विशेष गृह का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान प्लेस ऑफ सेफ्टी होम में 11 और विशेष गृह में 6 बच्चे मिले, जिनसे टीम के सदस्यों ने बात की और उनकी समस्याएं सुनी। वहां फैली गंदगी और दीवारों की सीपेज को लेकर टीम ने नाराजगी जाहिर की और तुरंत स्कोर हल करने निर्देश दिए।
11 बच्चों के प्रकरण में अधिवक्ता नहीं होने से उन्हें अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बाल सम्प्रेक्षण गृह में अधीक्षक सहित 15 में से12अधिकारी-कर्मचारी के पद रिक्त मिले नवनिर्मित भवन का भी निरीक्षण किया गया जहाँ भवन में पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। काउंसिलिंग के लिए निर्धारित कक्ष को सी-मार्ट को दे दिया गया है, जिसके कारण बच्चों की काउंसिलिंग के लिए जगह नहीं बची है। इस पूरे निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों की टीम ने अव्यवस्था देखकर कड़ी नाराजगी जताई।
