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छत्तीसगढ़ के इस जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूल में मात्र एक छात्रा के लिए शुरू की 10वीं की कक्षा, छात्रा को रोज करना पड़ता था 35 किमी का सफर, जानिए क्या है पूरा मामला….

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कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के मर्दापाल में प्रदेश सरकार का संवेदनशील रूप नजर आया। यहां सरकार की महत्वकांक्षी योजना स्वामी आत्मानंद स्कूल का मर्दापाल मुख्यालय में शुभारंभ किया गया। वर्ष 2022-23 में शुरू हुए इस स्कूल का संचालन कक्षा पहली से आठवीं तक किया जाने लगा। इसके चलते इस क्षेत्र की एक छात्रा प्रियांसी साहू को अपने गांव से 35 किमी दूर कोण्डागांव में कक्षा 9वी में प्रवेश लेना पड़ा। जब कोण्डागांव जिला प्रशासन को मामले की जानकारी लगी तो एक मात्र छात्रा प्रियांसी साहू के लिए इस वर्ष मर्दापाल में कक्षा दसवीं की स्थापना की गई। अब पूरे कक्षा दसवीं में एक छात्रा प्रियांसी अध्ययनरत है। जिसके लिए पूरा स्कूल स्टॉफ समर्पित भाव से उसे पढ़ाने में लग चुका है। पूरे स्कूल का प्रयास है कि, एकमात्र कक्षा दसवीं की छात्रा को मेरिट पर टॉप स्थान प्राप्त हो।

कोण्डागांव जिले के मर्दापाल में पहले बच्चों को बेहतर अंग्रेजी शिक्षा के लिए बड़े शहर जाना पड़ता था। कई बार इसी समस्या से बच्चे अपनी पढ़ाई भी छोड़ देते थे। ऐसी ही एक कहानी है प्रियांशी साहू का। मर्दापाल में रहने वाली प्रियांशी साहू की प्रारंभिक शिक्षा मर्दापाल के एक निजी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से हुई, लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए मर्दापाल में अंग्रेजी माध्यम का स्कूल नहीं था। ऐसे में उसके बड़े भाई शिवराम साहू ने उसका दाखिला जिला मुख्यालय कोण्डागांव के जामकोटपारा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में करा दिया गया। स्कूल और शिक्षा दोनों काफी बेहतर हैं, लेकिन प्रियांशी को मर्दापाल से हर रोज 32 किमी का सफर कर कोण्डागांव आना पड़ता था।

सुबह 8 बजे घर से निकलती, शाम 6 बजे वापस घर पहुंचती थी प्रियांसी प्रियांसी साहू के पिता का कई साल पहले देहांत हो चुका हैं, जिसके बाद उसके बड़े भाई शिवराम साहू उसकी जिम्मेदारी उठाए हैं। पिता के अभाव में घर की जवाबदारी के चलते बड़े भाई शिवराम का प्रतिदिन बहन को स्कूल तक छोड़ना संभव नहीं हो पाता था। ऐसे में कई बार प्रियांशी को अकेले बस, आटो रिक्शा या लिफ्ट लेकर कोण्डागांव आना जाना पड़ता था। इसके लिए वह हर रोज 8 बजे घर से निकलकर कोण्डागांव आती थी। फिर वापस स्कूल के छुट्टी होने से 05ः30-6:00 बजे तक घर पहुंच पाती थी। कई बार बस न मिलने या छुट जाने पर किसी से लिफ्ट या कोण्डागांव जा रहे परिचितों का आसरा करना पड़ता था। जिससे उन्हे कई असुविधाओं का समाना करना पड़ता था।

इतनी मशक्कत के बाद भी प्रियांशी द्वारा पूरी लगन से अपनी पढ़ाई करते हुए प्रथम श्रेणी से 9वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मर्दापाल आगमन पर क्षेत्र के लोगों की मांग पर उनके द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल मर्दापाल में खोलने की घोषणा की गयी थी। जिस पर शिक्षा सत्र 2023-24 में स्कूल का संचालन प्रारंभ हो गया और प्रियांशी को कक्षा दसवीं में प्रवेश दिया गया।

इस संबंध में प्रियांशी ने बताया कि पहले 9वीं कक्षा में अध्ययन के लिए उसे कई किमी दूर कोण्डागांव प्रतिदिन जाना पड़ता था। जिससे थकान के साथ पढ़ाई और आने जाने में बहुत दिक्कतो का सामना करना पड़ता था। अब हमारे गांव में स्कूल खुल जाने से मुझे यहां एडमिशन मिल गया है। जिससे मैं बहुत खुश हूं अब मुझे मिलों दूर स्कूल नहीं जाना पड़ता अब स्कूल खुद मेरे गांव चलकर आ गया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी की बहुत बहुत आभारी हूं। यहां मैं दसवीं कक्षा में अंग्रेजी माध्यम की अकेली छात्रा हूं शिक्षकों द्वारा मुझे पूरा ध्यान देते हुए पढ़ाया जाता है।

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