- बाजार में अस्पताल, मौके पर ही उपचार
- 60 हाट-बाजारों में शिविर लगाकर 48 हजार 800 मरीजों का उपचार
अक्कू रिजवी/ कांकेर : दूरस्थ एवं पहंुचविहिन क्षेत्रों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की शुरूआत 02 अक्टूबर 2019 को किया गया है, जिससे बाजार स्थल में ही ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल रहा है। प्रायः यह देखा जाता है कि ग्रामीण अपनी छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए बाजार वाले दिन को प्राथमिकता देते हैं। इसे दृष्टिगत करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा हाट-बाजार वाले स्थानों में आए ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराने इस योजना की शुरूआत की गई है। शिविर प्रारंभ होने से लेकर अब तक कांकेर जिले में 48 हजार 893 मरीजो का उपचार हाट-बाजारों के क्लिनिक में किया गया है। जिले के सभी सातों विकासखण्डों के चिन्हांकित 60 हाट-बाजारों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार एवं दवाई का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.एल उईके ने बताया कि जिले में अब तक 492 शिविरों का आयोजन कर 48 हजार 893 मरीजों का उपचार किया गया एवं निःशुल्क दवाईयां दी गई। शिविर में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के अलावा मलेरिया, टी.बी., एचआईव्ही, रक्तचाप, मधुमेह, रक्ताल्पता, कुष्ट रोग, नेत्र विकार, डायरिया सहित गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं का टीकाकरण करने के अलावा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देकर तथा इलाज कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत जिले के ऐसे हाट-बाजार जहाॅ कोई स्वास्थ्य संस्था नहीं है और स्वास्थ्य संस्थाओं से न्यूनतम दो से तीन किलो मीटर दूर है, उन हाट-बाजारों में शिविर लगाकर ग्रामीणों को चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। जिले के चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर, नरहरपुर, कोयलीबेड़, दुर्गूकोंदल और अंतागढ़ विकासखण्ड के हाट-बाजारों में स्वास्थ्य अमला पहंुचकर शिविर लगाते है और मरीजों का उपचार कर उन्हें निःशुल्क दवाईयां दी जाती है एवं आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दिया जाता है। डाॅ. उइके ने बताया कि जिले में अब तक 492 शिविर लगाये गये, जिनमें 04 हजार 642 की व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें से 215 व्यक्तियों को मलेरिया पाॅजिटिव पाया गया। इसी प्रकार 06 हजार 931 मरीजों की रक्त अल्पता से संबंधित जांच एवं उपचार किया गया और 10 हजार 435 व्यक्तियों की खून जांच किया गया, 1158 व्यक्तियों को ब्लडप्रेशर प्रभावित पाये गये एवं 6336 व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित पाये गये, जिसमें से 579 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थाओं मंे रिफर किया गया। डायरिया प्रभावित 1863 व्यक्तियों और नेत्र विकार के 796 व्यक्तियों का उपचार किया गया। शिविर स्थल में 41 शिशुओं का टिकाकरण एवं 1242 गर्भवती माताओं की जांच की गई। इसके अलावा अन्य रोगों से संबंधित 15 हजार 949 व्यक्तियों का उपचार कर निःशुल्क दवाईयां दिया गया। इस प्रकार मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना से जिले के अंतिम छोर के गांव तक भी स्वास्थ्य सुविधा की पहंुच सुलभ हो गई है, जिसका लाभ ग्रामीणों को आसानी से मिल रहा है।

