सामरी हिंडालको माइन्स के ठेकेदार जीएनसी कंपनी के द्वारा स्थानीय लोगों को दरकिनार करते हुए बाहर के मजदूर से करा रहा है कार्य, काम करने वाले बाहरी मजदूर माइंस में पंजीकृत भी नही है।
हिंडालको माइन्स के जीएनसी कंपनी ठेकेदार के द्वारा माइंस में बगैर पंजीकृत मजदूर से कराया जा रहा है कार्य कार्य करने वाले मजदूरों का नही है कोई सेफ्टी।
हिंडालको माइन्स के जीएनसी कंपनी ठेकेदार के द्वारा कार्य कर रहे मजदूरों को टोपी, ड्रेस, जूता तथा बॉक्साइट पत्थर फोड़ने हथौड़ा नहीं दिया जाता है मजदूरों को
आफताब आलम
बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के सामरी हिंडालको माइंस में हिंडालको खनन एवं परिवहन ठेकेदार जीएनसी कंपनी के द्वारा नियम कानून को ताक में रखते हुए स्थानीय बेरोजगार लोगों को नजरअंदाज करते हुए, बाहर के मजदूर लाकर माइंस में कराया जा रहा है कार्य, जिससे आक्रोशित बेरोजगार युवाओं ने कुसमी स्थित हिंडालको आफिस पहुंचकर विरोध किया है।
आपको बता दें कि बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत सामरी पाठ में हिंडाल्को कंपनी के द्वारा बॉक्साइट उत्खनन एवं परिवहन का कार्य करने के लिए जीएनसी कंपनी को नियम शर्तों के तहत ठेका दिया गया है। जिस नियम और शर्त के साथ हिंडालको कंपनी ने खनन एवं परिवहन का ठेका जीएनसी कंपनी को दिया है, वह नियम शर्तों का पालन नहीं करते हुए, जीएनसी कंपनी ठेकेदार मनमानी तरीके से बाहर के मजदूर लाकर माइंस में खुदाई एवं धुलाई का कार्य करा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश उमड़ रहा है, स्थानीय बेरोजगार युवाओं ने कहा कि जीएनसी कंपनी के द्वारा बाहर का मजदूर लाकर कम रेट में, कम पैसे में बॉक्साइट खनन एवं परिवहन में कार्य कराया जा रहा है।
वही जिस मजदूर के द्वारा कार्य किया जा रहा है,वह हिंडालको कंपनी का पंजीकृत मजदूर नहीं है,वही स्थानीय लोगों ने बताया कि माइंस में कार्य कर रहे मजदूर को सेफ्टी नहीं दिया गया है, ड्रेस नहीं दिया गया है, जूता,टोपी तथा हथौड़ा भी नही उपलब्ध कराया गया है, इस तरीके से जीएनसी कंपनी द्वारा माइंस में मनमानी तरीके से नियम विरुद्ध कार्य कराया जा रहा है।
वही माइंस के अंदर बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित है, बावजूद उसके जीएनसी कंपनी के द्वारा बगैर माइंस में पंजीकृत मजदूर से कार्य कराया जा रहा है, जिसकी कोई सेफ्टी नहीं है।
विडंबना तो यह है कि माइंस में चल रहे मशीन के नजदीक बाहर के मजदूर काम कर रहे है, जबकि माइंस में चल रहे मशीन के नजदीक किसी को जाने की अनुमति नहीं है, पंजीकृत मजदूर भी चल रहे मशीन से 200 मीटर के दूरी पर ही रहेंगे, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घटने की संभावना बनी हुई है,जिसकी सेफ्टी कौन लेगा एक बड़ा सवाल है।
हमारे रिपोर्टर आफताब आलम से बात करते हुए स्थानीय लीज क्षेत्र के युवाओं ने कहा की जीएनसी कंपनी के मनमानी से लीज क्षेत्र के बेरोजगार युवा,मजदूर काम के लिए दरदर भटक रहे है, और जीएनसी कंपनी के द्वारा बाहर से मजदूर लाकर कम दर में, काम कराया जा रहा है, स्थानीय लोगों को कंपनी के द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। जबकि हिंडाल्को कंपनी के द्वारा नियम शर्त में स्थानीय क्षेत्र के मजदूरों को युवाओं को रोजगार देने का नियम शर्त में प्रावधान किया गया है, बावजूद इसके जीएनसी कंपनी अपनी मोटी रकम की कमाई करने के उद्देश्य से स्थानीय क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को मजदूरों को काम न देकर बाहर से मजदूर लाकर कंपनी के नियम शर्तों का उल्लंघन करते हुए कार्य करा रही है। जिससे लीज क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं ने कुसमी स्थित हिंडालको कंपनी के ऑफिस जाकर भी वर्षों से लिखित आवेदन देते हुए कार्यवाही का मांग करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग भी की है, लेकिन हिंडालको प्रबंधक भी इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है।
अब देखने वाली बात यह है कि क्या खबर प्रकाशन के बाद भी हिंडालको प्रबंधक अपने ठेकेदार जीएनसी कंपनी के मनमानी पर कोई कार्यवाही करती भी है या नहीं
वही लीज क्षेत्र के बेरोजगार, मजदूर, युवाओं को हिंडालको प्रबंधक रोजगार दिला पाती है या नही।


