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प्रेसवार्ता में सनसनीखेज खुलासा…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास को बताया अंतहीन भ्रष्टाचार का केंद्र बिंदु : शिवरतन शर्मा एवं विष्णुदेव साय

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राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत जिले में संचालित पोटाकेबिनों में सीसी कैमरा लगाने के नाम पर 64 लाख रुपयों का हेराफेरी । छत्तीसगढ़ की मोर आवास मोर अधिकार की योजना के फेर में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना से छत्तीसगढ़ में 16 लाख परिवार वंचित हुए

छत्तीसगढ़ वाॅच ब्यूरो ।

बीजापुर -: ज्ञातव्य हो कि एक दिवसीय दौरे में पहुंचे भाजपा के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री विष्णुदेव साय,पूर्व मंत्री महेश गागड़ा , राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा के द्वारा 16 दिसंबर 2022 को जिलें के बस स्टैंड में आम सभा के दुसरे दिन 17 दिसंबर 2022 को धनोरा सरपंच हरिहर साहनी के घर में प्रेसवार्ता करने पहुंचने पर साहनी परिवार तहेदिल से जलाभिषेक करके पुष्प भेंट कर सम्मान पूर्वक स्वागत किया गया । जिसमें शिवरतन शर्मा ने कांग्रेस सरकार के चार साल में हुई भ्रष्टाचार पर नजर डालते हुए उन्होंने बताया भूपेश बघेल की चार वर्ष शासनकाल को छत्तीसगढ़ जनता के साथ विश्वासघात शासनकाल बताया । शांति के टापू छत्तीसगढ़ को चार वर्ष में अपराध गढ़ के रुप में बदलने काम किया । उन्होंने सरकार को विश्वासघात का संज्ञा देते हुए कहा गंगाजल हाथों में लेकर शपथ लेकर 2018 हुए विधानसभा चुनाव जनघोषण पत्र में छत्तीसगढ़ के जनता से किए गए 36 वादों के संदर्भ में भूपेश बघेल और पीसीसी मोहन मरकाम सहित समस्त कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा 36 वादों में से एक भी वादा पूरा करने में कांग्रेस सरकार विफल साबित हो गई । किसानों को कर्ज माफी, बिजली बिल हाफ , दस लाख युवाओं का नौकरी तथा बेरोजगारों को 25 सौ रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने के नाम से ठग लिया व महिला स्व सहायता समूह का क़र्ज़ माफी , चिटफंड कंपनियों में फंसे निवेशकों के रुपए वापस दिलाने का भरोसा दिलाया जाकर कांग्रेस वोट बटोरकर सत्ता में काबिज कांग्रेस सरकार निवेशकों के साथ चल किया । कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी को बखूबी समझ चुकी जनता ठगा-सा महसूस कर रही है। मोर आवास मोर अधिकार के नाम से गांव के पांच सदस्यों के परिवार को दो कमरों का मकान और बॉडी देने का योजना से तो लोगो को मकान नहीं मिला पर भूपेश बघेल के योजना के फेर में छत्तीसगढ में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना से 16 लाख परिवार वंचित हो गए । पेंशनधारियों को तीन सौ से एक हजार रुपए करने की वादे से भी विफल रहें । इस तरह उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया और कांग्रेस चार वर्ष पूरे होने पर गौरव दिवस मनाने के बजाय वादों को निभाने में असफल क्यों है । इस बात का कांग्रेस को चिंतन कर लेने की आवश्यकता कहा । आज दुनिया में कोई ऐसा क्राईम नहीं है जो छत्तीसगढ़ में घटित हुआ ना हो । हत्या और आत्माहत्या के मामले में अभी भाजपा रिकार्ड खंगालने में लगी है । विदित हो कि चार साल में जो छह हजार दुष्कर्म हुए उसमें चार हजार नाबालिक है । पूरे देश में दुष्कर्म के मामले में छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर है । बावजूद इसके कांग्रेस सरकार गौरव दिवस मना रहा है । सुनकर हर छत्तीसगढीया का सर शर्म से झुक जाता है । फिरौती हत्या आत्माहत्या जैसे घटनाओं से चार साल में सरकार का दामन कलंकित का रिकार्ड कायम किया । भ्रष्टाचार के मामले में कहा बीजापुर से लेकर छत्तीसगढ़ के हर ज़िले में भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है । इस भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र बिंदु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का निवास को बताया । पहले शराब माफिया के नाम से जाना जाता लेकिन कांग्रेस सरकार में रेत माफिया कोल एवं भू-माफिया छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो गए हैं । जो रेत पहले तीन से चार हजार रुपए में ट्रक भर मिलता था । अब वही रेत 16 हजार से 18 हजार रुपए प्रति ट्रक खरीदना पड़ रहा है । शराब का काम करने वाले लोग आज बड़ी संख्या में रेत माफिया बन बैठे हैं । महज़ एक सेक्टर में ईडी ने कार्रवाई की है । एक सौ 52 करोड़ का बेनामी संपत्ति को जप्त किया गया । मुख्यमंत्री के विशेष सचिव और उनके नजदीकी लोग एवं मार्केट के डायरेक्टर समीर विश्नोई जेल भेजे गए हैं । जब इन बड़े भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की गई तो दोनों हाथ से लुटने में लगे भूपेश बघेल केंद्र सरकार पर निशाना साधने में लगे हैं । लुट का काम सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी भी लगे हुए हैं । जिले राशन वितरण में जमकर गोलमाल हो रहा है । बच्चे कुपोषित हो रहे हैं । अनुकंपा नियुक्ति में भी भ्रष्टाचार करने से रहम नहीं किया जा रहा है । जिस व्यक्ति का अनुकंपा नियुक्ति में तृतीय वर्ग लिपिक में आदेश जारी होता है । मुंह मांग रकम नहीं देने के कारण उसे स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के पोस्टिंग में नियुक्ति किया जाता है। बोर खनन में विधायक के चहेते लोग भ्रष्टाचार को अंजाम देने में लगे हुए हैं । विधायक के द्वारा ग्राम पंचायतों में दी जाने वाली पानी टैंकर जहां 80 हजार रुपए में आता है हो पानी टंकी टैंकर दो लाख से ढाई लाख रुपए में खरीदा जा रहा है । भ्रष्टाचार में जिले के विकास में दी जाने वाली करोड़ों रुपयों का बेलगाम हेराफेरी किया जा रहा है । जिले में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अंतर्गत संचालित पोटाकेबानो में सीसी कैमरा लगाने के नाम पर 64 चौंसठ लाख रुपयों का बंदरबांट किया गया और बीजापुर में छोटे कर्मचारियों का तबादला नीति उद्योग बन गया । यह कहते कहते शिवरतन शर्मा ने मोबाइल रिचार्ज का हवाला देते हुए उनके ज़ुबान से फिसल आईएएस आईपीएस पोस्टिंग होती है तो उसमें उच्च स्तर में देनदारी होता हो । मतलब कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना संभव नहीं है । बीजापुर में तृतीय वर्ग दुतिया वर्ग के कर्मचारियों को लीफाफा की भेंट नहीं चढ़ाने से तबादला रोक दिया जाता है। सुदूर क्षेत्रों में क्रेडा विभाग के मध्यम से लगाएं जा रहें लाईट की सामग्री खरीदने की टेंडर निकाला जाय तो 40 से 45 रुपए बिलो में ना कराकर उसकी यसोआर में खरीदकर कमीशन कलक्टर और विधायक को जा रहा है । कई पंचायतों के सचिव भ्रष्टाचार में फंसने से खुद को दूर रखें हुए है । कलक्टर जिला पंचायत सीईओ जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा दबाव बनाया जाता है । कुल जुमला कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार की गाथा बीजापुर से लेकर प्रदेश तक लिखा जा रहा है । यही कांग्रेस की गौरव दिवस है । विकास की दृष्टि में छत्तीसगढ़ चार वर्षों में इस कदर पिछड़ा है जिसे उबरने में वर्षो का समय तय करना पड़ेगा । बीजापुर में जो विकास जमीन स्तर में देखा जा रहा है उसे भाजपा शासनकाल में पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा के बतौर भूमिका का देन बताते हुए कांग्रेस चार वर्षों में बीजापुर में कोई बड़ा काम स्वीकृत नहीं हुआ है । आरक्षण के मामले में छत्तीसगढ़ के जनता के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चल कर रहें हैं । आरक्षण के मामले जो कोर्ट में जाने बाद आरक्षण को निरस्त किया गया । कोर्ट जाने वाले सभी व्यक्तियों को भूपेश बघेल उपकृत करने का आरोप लगाया । 2011/12 में पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह के सरकार में आदिवासी को 32 प्रतिशत अनुसूचित जाति को 12 प्रतिशत , ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया और तत्काल प्रभावित हुआ । उस मसले को लेकर कोर्ट जाने वाले प्रमुख व्यक्ति केपी खंडे एवं प्रतिभा मनहर यह याचिका कर्ता बने 2012 से 2018 तक भाजपा सरकार में रही । उस पर महज एक पेशी हुई । इस तरह 2019 से लेकर 2022 तक आरक्षण मसले पर सुनवाई हुई । कांग्रेस सरकार सकारात्मक पक्ष नहीं रखा । जिसके चलते हाई कोर्ट आरक्षण को निरस्त करने के तत्काल बाद केपी खंडे को अनुसूचित आयोग का अध्यक्ष व पूर्व विधायक प्रतिभा मनहर को उपाध्यक्ष बनाया गया । कांग्रेस सरकार केबिनेट में हुई बैठक में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लेकर कुणाल शुक्ला हाई कोर्ट जाने के बाद उनके याचिका को हाईकोर्ट खारिज करने के बाद पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय में कबीर सोच विद्या पीठ का अध्यक्ष बनाकर उन्हें उपकृत किया गया । सरकार के फैसले के खिलाफ कोई कोर्ट में जा रहा है । कोर्ट याचिका को स्वीकार करके सरकार के खिलाफ निर्णय देकर याचिका कार्ता का उपकृत कर रहें हैं । इससे सरकार की मंशा जगजाहिर है कि जनता को आरक्षण नहीं देना न चाहती आरक्षण के नाम दिग्भ्रमित कर रहा है । प्रदेश में भूपेश के राज में महज लुट मची हुई है । आज छत्तीसगढ़ कर्ज के समंदर में गोते लगा रहा सरकार के माथे पर जो कर्ज है। यादि उस कर्ज को बांटा दिया जाय तो प्रति व्यक्ति 33 हजार 09 सौ 27 रुपए कर्ज बैठेगा । सरकार पर जो कर्ज है वो कोई सामान्य कर्ज नहीं बल्कि 84 हजार करोड़ का कर्ज होना बताया । जिसमें 51 हजार 100 सौ 92 रुपए भूपेश बघेल की सरकार लिया है । शेष 23 हजार करोड़ कर्ज अजीत जोगी और डाक्टर रमन सिंह के शासनकाल में लिया गया कर्ज से छत्तीसगढ़ को पूंजीगत व्यय हुआ । विधानसभा सत्र में शिवरतन शर्मा ने भूपेश बघेल से राजस्व आय और पूंजीगत व्यय कितना है पूछने पर उन्होंने अलग-अलग बताना संभव नहीं कहकर टाल दिया गया । धनोरा सरपंच हरिहर साहनी के निवास पर हुए प्रेस वार्ता में बीजापुर भाजपा के जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार, संजू लुक्कड़ फूलचंद बागड़ा नंदू राणा जिल्लरम राणा एवं अन्य भाजपा पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहें ।

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