Khelo India Tribal Games Closing: रायपुर। छत्तीसगढ़ की मेजबानी में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (Khelo India Tribal Games 2026) का क्लोजिंग सेरेमनी आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हो रहा है। इस शानदार आयोजन से पहले पूर्व भारतीय फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया और विश्व चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने साइंस कॉलेज मैदान में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान दोनों महान खिलाड़ियों ने खेल व्यवस्था और खिलाड़ियों को लेकर अपनी बात रखी।
बाइचुंग भूटिया ने कहा कि खिलाड़ियों में पोटेंशियल है, लेकिन मेडल नहीं आने के कई कारण हैं। एक ही कोच के भरोसे रहना, कोच को ट्रेनिंग नहीं देना और कई सालों तक एक ही पद पर जमे रहना बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि जब मेडल आ ही नहीं रहे हैं, तो ऐसे में उनके पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है। न वे किसी को आगे आने देते हैं और न खुद हटते हैं, बस कुर्सी से चिपक कर बैठे रहते हैं। भूटिया ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को सही ट्रेनिंग और बेहतर व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। जब तक इस व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक यह शिकायत बनी रहेगी कि मेडल क्यों नहीं आ रहे हैं?
खिलाड़ियों को प्रेशर को हैंडल करना बहुत ज़रूरी – मैरी कॉम
वहीं विश्व चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने कहा कि खेल में अनुशासन ज़रूरी है और टाइमिंग का बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है। उसका उपयोग आप कैसे करते हैं, यह आप पर निर्भर करता है। खिलाड़ियों में क्षमता (पोटेंशियल) होने के बावजूद मेडल नहीं आना एक बड़ा कारण है। मैदान में समय देने के बजाय खिलाड़ी सोशल मीडिया पर समय देने लगते हैं। सही समय पर न सोना और न ही सही समय पर उठना भी एक समस्या है। साथ ही खिलाड़ियों को सही ट्रेनिंग और सही डाइट मिलना बेहद ज़रूरी है। दबाव भी एक बड़ा कारण है, चाहे वह परिवार का हो या समाज का। इस प्रेशर को हैंडल करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर दबाव हैंडल नहीं हुए, तो खिलाड़ी मेडल खो देंगे।
उन्होंने बताया कि समाज का सपॉर्ट भी बहुत मायने रखता है। मैरी कॉम ने कहा कि कभी आपने देखा, इतने बार मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती, लेकिन कैसे ट्रोल किया जाता था। सोशल मीडिया में आज कोई भी कुछ भी लिख देता है।

