AAP Crisis: चंडीगढ़/नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि उन्हें “खामोश कराया गया है, लेकिन वह हारे नहीं हैं।” उन्होंने साफ कहा कि वे जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे और आवाज दबाने वालों के सामने “सैलाब बनकर” लौटेंगे।
चड्ढा ने सवाल उठाया कि उन्होंने संसद में आम लोगों से जुड़े मुद्दे—महंगाई, बैंक चार्ज, एयरपोर्ट पर महंगा खाना, टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी—उठाए, इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ?
AAP पार्टी का पलटवार
इधर, पार्टी ने भी उनके बयान पर तीखा पलटवार किया है। AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा बड़े राष्ट्रीय मुद्दों की बजाय “समोसे सस्ते कराने” जैसे छोटे मुद्दे उठाते रहे। उन्होंने यहां तक कहा कि “जो नरेंद्र मोदी से डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?”
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राघव चड्ढा को “कम्प्रोमाइज्ड” बताते हुए कहा कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाने पर कार्रवाई तय है। गौरतलब है कि AAP ने 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था और उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी सौंपी गई।

