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Chaitra Navratri 2026: Navratri के दूसरे दिन करें माता ब्रह्मचारिणी की पूजा, ज्ञान की होगी प्राप्ति

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Chaitra Navratri 2026: Worship Goddess Brahmacharini on the second day of Navratri to attain knowledge.

Chaitra Navratri 2026: आज चैत्र Navratri का दूसरा दिन है। Navratri के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माता दुर्गा के इस स्वरूप को तप, त्याग और संयम का प्रतीक माना जाता है। माता की पूजा से व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और आत्मबल की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में जलपात्र होता है। मान्यताओं के अनुसार, Navratri के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने से मनचाहा वरदान मिलता है।

मां भक्तों के दुखों को हरने वाली और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है।शास्त्रों में मां का वर्णन ऐसी देवी के रूप में किया गया है, जो साधना और तपस्या की प्रेरणा देने वाली हैं। ऐसे में Navratri के दूसरे दिन भक्त श्रृद्धा के साथ मां का पूजन करते हैं।

 

माता को प्रसन्न करने के लिए मंत्र 

  • मंत्र- दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

इस मंत्र को माता ब्रह्मचारिणी का ध्यान मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का मानसिक जप करने से शांति और सुख आपके जीवन में आता है साथ ही बुद्धि और विवेक की आपको प्राप्त होती है।

 

  • मंत्र- या देवी सर्वभू‍तेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

यह मंत्र माता का स्तुति मंत्र है इस मंत्र का जप अगर आप नवरात्रि के दूसरे दिन करते हैं तो माता ब्रह्मचारिणी की असीम कृपा आपको प्राप्त होती है और आपकी मनोकामनाएं पूरी होती है। साथ ही आत्मबल भी आपको प्राप्त होता है।

 

  • मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः।

यह माता माता ब्रह्मचारिणी का बीज मंत्र है इस मंत्र का जप करने से आपको ज्ञान, आत्मबल और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

 

  • मंत्र- तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्। ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्

इस मंत्र को देवी ब्रह्मचारिणी का प्रार्थना मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का जप करने से आप माता की कृपा दृष्टि का पात्र बनते हैं। यह मंत्र आपकी इच्छाओं को पूरा करने वाला भी माना जाता है।

 

  • मंत्र- ॐ दुं दुर्गायै नमः।

यह माता का शक्तिदायक मंत्र माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से मानसिक और आत्मिक बल भक्तों को प्राप्त होता है।

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