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Raipur Kharun River Front: 84.15 करोड़ से होगा खारून नदी तट का विकास, राजेश मूणत ने कहा – बदलेगी शहर की तस्वीर…

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रायपुर। राजधानी रायपुर के गौरव और आस्था की प्रतीक पुण्य शलिला मां खारून नदी के तट को उच्च स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत के सतत प्रयासों और जनहित के प्रति उनकी सजगता के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने ‘खारून रिवर फ्रंट’ के निर्माण, विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए ₹84,15,82,000 (चौरासी करोड़ पन्द्रह लाख ब्यासी हजार) की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

 

इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए विधायक राजेश मूणत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। मूणत ने कहा कि “मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और रायपुर की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने इस प्रोजेक्ट को गति दी है।” साथ ही मूणत ने उप-मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव जी के प्रति भी कृतज्ञता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि “लोक निर्माण विभाग के कुशल नेतृत्व में इस तकनीकी और भव्य परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिलना हमारे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। अरुण साव के सहयोग से अब विभाग इस कार्य को पूरी पारदर्शिता और गति के साथ धरातल पर उतारेगा।”

प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना एवं शर्तें

लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस परियोजना को कड़े मानकों के साथ पूरा किया जाएगा।

तकनीकी श्रेष्ठता: सक्षम अधिकारियों से तकनीकी स्वीकृति (T.S.) मिलने के पश्चात ही निविदा आमंत्रित की जाएगी।

डिजाइन और सौंदर्य: कार्य की ड्राइंग व डिजाइन का सूक्ष्म परीक्षण कर उसे अनुमोदित किया जाएगा ताकि यह रिवर फ्रंट देखने में अद्भुत और आधुनिक हो।

समयबद्धता: कार्य के लिए कम से कम 90 प्रतिशत बाधारहित भूमि सुनिश्चित की गई है, जिससे निर्माण के दौरान कोई रुकावट न आए।

पारदर्शी प्रक्रिया: भू-अर्जन की स्थिति में राजस्व विभाग के साथ मिलकर गहन परीक्षण के बाद ही व्यय किया जाएगा।

रिवर फ्रंट बनने से होने वाले बहुआयामी लाभ

आस्था का सम्मान: मां खारून के तट पर व्यवस्थित घाटों का निर्माण होने से श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजनों और पूजा-पाठ में सुगमता होगी।

पर्यटन और मनोरंजन: यहां विकसित होने वाले उद्यान, लाइटिंग और वॉकिंग ट्रैक रायपुर के नागरिकों के लिए पिकनिक और स्वास्थ्य लाभ का मुख्य केंद्र बनेंगे।

पर्यावरण का कायाकल्प: व्यवस्थित तटबंधों के निर्माण से मिट्टी के कटाव पर रोक लगेगी और नदी के जल को प्रदूषण मुक्त रखने में मदद मिलेगी।

स्थानीय व्यापार को गति: रिवर फ्रंट के आसपास पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और छोटे व्यापारियों के लिए आय के नए साधन सृजित होंगे।यह परियोजना रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र एवं रायपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। राजेश मूणत ने विश्वास दिलाया है कि वे स्वयं इस प्रोजेक्ट की प्रगति की निगरानी करेंगे, ताकि यह कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण हो।

 

 

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