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LPG Crisis : सिलेंडर की कालाबाजारी से 57% उपभोक्ता परेशान, 500 से 2500 रुपये तक वसूल रहे मुनाफाखोर

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LPG Crisis : नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच, उपभोक्ताओं को शांत करने और गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के सरकारी प्रयासों के बावजूद, कुछ लोगों की मुनाफाखोरी की प्रवृत्ति ने बाजार को विकृत कर दिया है।

ऑनलाइन सर्वे फर्म लोकल सर्कल्स के किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, घबराहट में एलपीजी की खरीदारी व जमाखोरी के कारण देश के 57 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता एलपीजी सिलिंडर की देरी और कालाबाजारी का सामना कर रहे हैं। इस सर्वेक्षण में देश के 309 जिलों से घरेलू उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं ली गई।

 

आपूर्ति में व्यवधान और देरी

  • 43% ने बताया कि उनके डीलरों ने ऐसी किसी समस्या का उल्लेख नहीं किया है।
  • 21% ने बताया कि उनके डीलर ने कहा कि वर्तमान में आपूर्ति में कमी है।
  • 32% ने बताया कि डीलर ने कहा कि – आपूर्ति में देरी हो सकती है।
  • 4% ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।

देरी व कालाबाजारी

  • 43% ने बताया कि उन्हें बुकिंग और डिलीवरी में कोई कठिनाई नहीं हुई।
  • 29% ने बताया कि डीलरों ने कहा कि सिलिंडर उपलब्ध नहीं है, जिससे बुकिंग में देरी हुई।
  • 7% ने बताया कि उन्हें डिलीवरी के लिए आमतौर पर लगने वाले समय से ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
  • 14% ने बताया कि उन्हें अधिक कीमत पर कालाबाजारी से एलपीजी सिलिंडर खरीदना पड़ा।
  • 7% ने बताया कि उन्हें डिलीवरी प्राप्त करने के लिए कई बार फॉलो-अप लेना पड़ा।

100-500 रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं आपूर्तिकर्ता

सर्वेक्षण में शामिल 36 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके क्षेत्र में एलपीजी की कालाबाजारी हो रही है और आपूर्तिकर्ता व बिचौलिए प्रति सिलिंडर 100-500 रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं।

कुछ मामलों में, लोग सिलिंडर की कीमत से 2-4 गुना अधिक, यानी 1500-2500 रुपये तक भुगतान करने की रिपोर्ट कर रहे हैं।

  • सर्वेक्षण में 39% ने बताया कि उनके घर या पड़ोस में कालाबाजारी से कोई खरीद नहीं की जाती है।
  • 8% ने बताया कि उन्हें प्रति सिलिंडर 100 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़े।
  • 11% ने बताया कि उन्होंने प्रति सिलिंडर 100-300 रुपये अतिरिक्त का भुगतान किया है।
  • 8% ने बताया कि उन्होंने प्रति सिलिंडर 300-500 रुपये अधिक देने पड़े।
  • 8% ने बताया कि उन्होंने प्रति सिलिंडर 500 रुपये से अधिक अतिरिक्त का भुगतान किया है।
  • 25% ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।

 

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