नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संसद में विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल संयम, कूटनीति और बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने सभी पक्षों से हालात को और न बिगाड़ने की अपील की।
संसद में दिए बयान में विदेश मंत्री ने किसी भी पक्ष की खुलकर निंदा करने से परहेज किया। उन्होंने न तो Ali Khamenei की हत्या की कथित घटनाओं की निंदा की और न ही Iran पर United States और Israel के हमलों पर टिप्पणी करते हुए सीधी निंदा की।
इसी तरह खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को लेकर भी भारत सरकार की ओर से कोई कड़ी टिप्पणी नहीं की गई। विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव से वैश्विक शांति और स्थिरता प्रभावित हो सकती है, इसलिए सभी देशों को संयम बरतना चाहिए।
जयशंकर ने संसद को बताया कि भारत की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति बनाए रखना, कूटनीतिक समाधान को बढ़ावा देना और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क में है।
सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में भारत ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने और तनाव कम करने की अपील की है।

