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स्कूल में पढ़ाई की जगह मजदूरी! बच्चों से पुताई और निर्माण कार्य, कलेक्टर ने प्राचार्य को पद से हटाया

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सूरजपुर। शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्चों से स्कूल में रंगाई–पुताई और निर्माण कार्य करवाने वाली मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिंवा की प्राचार्य विधु शर्मा को कलेक्टर एस जयवर्धने ने हटा दिया है। बच्चों का स्कूल में मजदूरी करते हुए वीडियो वायरल होने पर कलेक्टर ने इस मामले में जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।

 

 

जानिए क्या है पूरा मामला

सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में आरटीई के बच्चों से मजदूरी कराया जा रहा था। स्कूल की प्राचार्य विधु शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों से स्कूल परिसर में मजदूरी और पुताई का काम करवाया। अभिभावकों की शिकायत के अनुसार बच्चों से स्कूल में सीमेंट, रेत ढुलवाने और कक्षाओं की पुताई जैसे काम कराए गए। शिकायत में बताया गया कि बच्चों ने काम करने से मना करने पर उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी। जब परिजन इस विषय पर बात करने स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य विधु शर्मा ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कहा कि आपके बच्चों को मुफ्त में बैग, किताबें और बिजली मिल रही है, आपका पैसा नहीं लगता, बाहर जाकर बात कीजिए। उन्होंने शिकायत में बताया कि प्राचार्य स्कूल की एक कक्षा का उपयोग अपने पति के साथ निवास के रूप में कर रही है। परिजनों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में कलेक्टर को सौंपे।

 

वहीं मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री सचिवालय और बिलासपुर हाईकोर्ट ने भी इस पर संज्ञान लिया था। गरीब बच्चों से रंगाई–पुताई और मजदूरी करवाने को लेकर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र देने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने अदालत को बताया था कि इस घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए 23 फरवरी को ही कलेक्टर ने एक जांच कमेटी का गठन कर दिया था। हाईकोर्ट में स्कूल शिक्षा सचिव को 11 मार्च तक के संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ शपथ पत्र देने के निर्देश दिए हैं।

 

तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने सौंपी यह रिपोर्ट

मामले में कलेक्टर एस जयवर्धने के निर्देश पर डीईओ अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी में सहायक संचालक लता बेक, बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह और सेजेस जयनगर की प्राचार्य पुष्पा राय शामिल थीं। टीम ने जांच के दौरान विद्यार्थियों और उनके परिजनों के अलावा स्कूल के प्रिंसिपल का भी बयान दर्ज किया था। तीन मार्च को जांच टीम ने सूरजपुर डीईओ को अपने रिपोर्ट सौंपी थी।

 

जांच रिपोर्ट के अनुसार वीडियो वर्तमान का न होकर स्वच्छता पखवाड़े के दौरान छात्रों से करवाए गए काम का था। स्कूल में जोन स्तरीय खोखो गेम्स होने थे। जिसके लिए बच्चों से खंभे गड़वाए गए थे। परिजनों ने प्राचार्य विधु शर्मा पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। जिस पर उन्हें स्कूल के प्राचार्य के पद से हटा दिया गया है। जांच रिपोर्ट और की गई कार्यवाही को भी स्कूल शिक्षा सचिव के द्वारा हाईकोर्ट में पेश किए जाने वाले जवाब के साथ संलग्न किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री सचिवालय को भी अवगत करवाया जाएगा।

 

 

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