CG TRANSFER NEWS: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला में प्रशासनिक कसावट और राजस्व कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग के उद्देश्य से 16 राजस्व निरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जारी आदेश के तहत जिले में पदस्थ राजस्व निरीक्षकों को नवीन पदस्थापना सौंपी गई है। यह आदेश छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता और छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली के अंतर्गत प्रदत्त प्रावधानों के तहत लोकहित में जारी किया गया है और तत्काल प्रभावशील होगा।
जिला प्रशासन के अनुसार, राजस्व कार्यों के सुचारू संचालन, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और मैदानी स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करें और राजस्व मामलों में गति लाएं। जारी आदेश के अनुसार, विश्वनाथ तिवारी को राजस्व निरीक्षक मंडल अंबिकापुर-3 से लखनपुर स्थानांतरित किया गया है। रामकुमार राम को अंबिकापुर-4 से रघुनाथपुर (धौरपुर) भेजा गया है। संजय सिंह को अंबिकापुर-5 से उदयपुर तथा धर्मेंद्र कुमार सिंह को अंबिकापुर-6 से बतौली पदस्थ किया गया है।
सबल साय एक्का को धौरपुर से अंबिकापुर-3, विकास कुमार सोनपाकर को उदयपुर से अंबिकापुर-4 और राज बहादुर सिंह को खम्हरिया (उदयपुर) से राजस्व निरीक्षक नजूल के पद पर स्थानांतरित किया गया है। संजय कुमार सिंह को लखनपुर से अंबिकापुर-5 तथा धर्मेंद्र कुमार सिंह (सलका, लखनपुर) को अंबिकापुर-6 भेजा गया है। इसी क्रम में छय कुमार पैंकरा को पेटला (सीतापुर) से राजस्व निरीक्षक नजूल, शिवपूजन तिवारी को बतौली से राजस्व निरीक्षक नजूल पद पर पदस्थ किया गया है। रामदेव यादव को नजूल से लुण्ड्रा, सरयू राम पैंकरा को नजूल से खम्हरिया (उदयपुर) तथा आशीष गुहा को नजूल से धौरपुर भेजा गया है। विजय कुमार श्रीवास्तव को नजूल से सलका (लखनपुर) तथा सत्येंद्र कुमार मिश्रा को राजस्व निरीक्षक डायवर्सन से पेटला (सीतापुर) स्थानांतरित किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह तबादला प्रक्रिया नियमित प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाना है। राजस्व विभाग से जुड़े भूमि अभिलेख, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, डायवर्सन और अन्य प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया गया है। कलेक्टर वसंत ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही आमजन को राजस्व संबंधित सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदारी से कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस प्रशासनिक बदलाव को राजस्व तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

