कवर्धा। दिनांक 14 तारीख, रात्रि 10:30 से 11:00 बजे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार के बीच शहर में
नियमित पुलिस चेकिंग के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वयं लुनिया एवं उसके दो अन्य साथी पुलिस द्वारा वाहन रोके जाने से नाराज हो गए और मौके पर ही ड्यूटी में तैनात सिपाही से अभद्र व्यवहार किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन रोकने पर आरोपियों ने सिपाही से यह कहते हुए बहस शुरू कर दी कि “तुम हमारी गाड़ी कैसे रोक सकते हो” और इसी दौरान सिपाही का कॉलर पकड़ लिया, साथ ही हाथापाई करने की कोशिश भी की गई। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए तीनों को थाने ले जाया।
थाने में दबाव और जबरन छुड़ाने का आरोप
सूत्रों का दावा है कि थाने पहुंचने के कुछ समय बाद जैन समाज के कई लोग एकत्रित हो गए और पुलिस पर दबाव बनाते हुए तीनों युवकों को जबरन थाने से वापस ले गए। इस दौरान कथित रूप से पुलिसकर्मियों को धमकाने और “देख लेने” जैसे शब्दों का प्रयोग किए जाने की भी चर्चा है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता में यह चर्चा है कि यदि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ इस प्रकार की बदसलूकी होती है और आरोपी बिना कार्रवाई के थाने से ले जाए जाते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
यह मामला कवर्धा का बताया जा रहा है।
पत्रकार दीपक तिवारी

