कवर्धा। शहर की सराफा लाइन में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस छापे की सूचना फैलते ही ज्वेलर्स कारोबारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई दुकानों के मालिक और कर्मचारी फाइलें, रजिस्टर और कागजात लेकर इधर-उधर भागते नजर आए। पूरे बाजार में डर का माहौल देखा गया।
सूत्रों के अनुसार कवर्धा शहर में लंबे समय से चोरी के सोने और हवाला कारोबार की चर्चाएं आम हैं। सराफा कारोबार से जुड़े कई प्रतिष्ठानों पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वे अवैध सोने की खरीद-फरोख्त और हवाला लेन-देन में संलिप्त हैं। बाजार में यह भी चर्चा है कि शायद ही कोई बड़ा कारोबारी ऐसा होगा, जिसका नाम इन गतिविधियों से न जुड़ता हो।
जीएसटी बचाने के लिए एक ही दुकान में कई बैनर
शहर में कई ऐसी ज्वेलरी दुकानों की मौजूदगी बताई जा रही है, जहां एक ही परिसर में चार-चार अलग-अलग नामों के बैनर और फर्में लगी हुई हैं। जानकारों का कहना है कि यह व्यवस्था मुख्य रूप से जीएसटी और टैक्स बचाने के उद्देश्य से की जाती है। अलग-अलग नामों से कारोबार दिखाकर लेन-देन को बांटा जाता है।
जीएसटी विभाग की संभावित कार्रवाई से बढ़ा डर
बताया जा रहा है कि हाल ही में जीएसटी विभाग द्वारा छापेमारी की तैयारी की जा रही थी। हालांकि किसी कारणवश छापा नहीं पड़ सका, लेकिन इस सूचना के बाहर आते ही पूरे कवर्धा शहर में हड़कंप मच गया। सराफा लाइन में पुलिस की हलचल को जीएसटी कार्रवाई से जोड़कर देखा गया, जिससे कारोबारियों की बेचैनी और बढ़ गई।
अब भी मंडरा रहा छापे का खतरा
सूत्रों का कहना है कि जीएसटी विभाग की कार्रवाई टली है, समाप्त नहीं हुई। आने वाले दिनों में बड़ा छापा पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आशंका के चलते कई दुकानदार अभी से अपने रिकॉर्ड और लेन-देन को “साफ” करने में जुटे हुए हैं।
शहरवासियों और ईमानदार कारोबारियों की मांग है कि चोरी के सोने, हवाला और टैक्स चोरी जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि सराफा कारोबार की साख बनी रहे और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।
पत्रकार दीपक तिवारी

