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SIR का गजब खेल…96 साल की जिंदा महिला कागजों में मृत घोषित, अब देना होगा जीवित होने का सबूत

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान प्रशासनिक लापरवाही की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूरजहां को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं। अब उन्हें खुद के जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए एसडीएम कार्यालय में पेश होना होगा।

आजादी से अब तक किया मतदान

वार्ड नंबर 10 निवासी नूरजहां (पति स्व. रफीक अहमद) का कहना है कि देश की आजादी के वक्त उनकी उम्र करीब 17 साल थी। उन्होंने आजादी के बाद हुए लगभग सभी चुनावों में मतदान किया है, लेकिन अब SIR सर्वे में उन्हें मृत बता दिया गया।

9 फरवरी को SDM कार्यालय में सुनवाई

खराब स्वास्थ्य के बावजूद नूरजहां को 9 फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि वह जीवित हैं। इस मामले ने प्रशासनिक सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि फॉर्म-7 के जरिए सुनियोजित ढंग से बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। कई मामलों में 2003 की मतदाता सूची जैसे पुख्ता दस्तावेज देने के बावजूद लोगों को बार-बार पेशी के लिए बुलाया जा रहा है।

एक व्यक्ति, सैकड़ों आपत्तियां!

सूत्रों का दावा है कि एक ही व्यक्ति द्वारा सैकड़ों मतदाताओं के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई, जिस पर बिना स्थलीय सत्यापन के कार्रवाई कर दी गई। इससे पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहीद नगरी के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में मतदाता सूची के नाम पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक वार्ड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जिले में इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

 

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