तिरछी नज़र 👀: रायपुर के एक चर्चित नेता की होशियारी उस वक्त धरी की धरी रह गई,जब उनका तेजतर्रार मंत्री से पाला पड़ा। दरअसल, एयरपोर्ट पर भीड़-भाड़ में नेताजी, मंत्रीजी का वीडियो बना रहे थे।
अपने करीबियों से मंत्रीजी कुछ इधर-उधर की चर्चा कर रहे थे तभी उनकी नजर चर्चित नेता पर पड़ी, जो चुपचाप उनका वीडियो बना रहे थे। मंत्रीजी ने उन्हें पास बुलाया और वीडियो डिलीट करने कहा। पहले तो नेताजी आनाकानी कर रहे थे, लेकिन मंत्रीजी ने आंखें तरेरी,तो नेताजी सबके सामने वीडियो डिलीट करने पर मजबूर हो गए। नेताजी पहले भी अपने वीडियो को लेकर सुर्खियों में रहे हैं, और इसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है।
लखमा की सक्रियता
जेल से रिहाई के बाद पूर्व मंत्री कवासी लखमा जोरदार तरीके से राजनीति करने के मूड में हैं। उनका अपने गृह जिले सुकमा में जोरदार स्वागत किया गया। लखमा, ओडिशा के मलकानगिरी में रहकर अपने विधानसभा क्षेत्र कोंटा के लोगों के संपर्क में रहेंगे। इधर, राजधानी में क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए नया निज सचिव नियुक्त किया है, जो पहले पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का पीए था। कुल मिलाकर कवासी फूल फॉर्म में नजर आ रहे हैं।
वाहन मेले से मालामाल
राजधानी में लगे आरटीओ छूट वाले वाहन मेले ने ऑटोमोबाइल डीलरों के साथ-साथ कुछ मंदिरों के पुजारियों को भी मालामाल कर दिया। दरअसल, मेले में रोज हज़ारों गाड़ियां बिक रहीं थीं। गाड़ी की डिलीवरी लेते ही ज्यादातर वाहन मालिक सीधे मंदिर का रुख़ करते। राजधानी में कुछ मंदिर ऐसे हैं, जिनके प्रति लोगों में अटूट आस्था है। उन मंदिरों में दिनभर वाहन मेला लगा रहता। वहाँ से वाहन पूजा कराने के बाद ही लोग अन्यत्र जाते थे। बताते हैं कि लाखों की गाड़ियाँ लेने वाले कम से कम पाँच सौ रुपये की दक्षिणा बेहिचक दे रहे थे। मेले के दौरान वैसे भी मांगलिक कार्य बंद पड़े थे। ऐसे में वाहन पूजा ने पुजारियों की काफ़ी मदद की।
चमचागिरी
पिछले दिनों सीएम विष्णु देव साय ने अंबिकापुर और कोरबा में नए भाजपा कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री और भाजपा पदाधिकारी भी थे।
कोरबा में तो भूमिपूजन का कार्य धार्मिक माहौल में बेहतर ढंग से निपटा, लेकिन अंबिकापुर में कुछ नेताओं ने सीएम के बैठने के लिए सोफा लगवा दिया था। सीएम और प्रमुख नेताओं ने सोफे पर बैठकर पूजा अर्चना की। हालांकि खुद सीएम इससे असहज महसूस कर रहे थे।
पूजा के लिए रींवा से पंडित बुलाए गए थे। एक प्रमुख नेता आलोक दुबे ने अपना ग़ुस्सा पंडित पर निकाल दिया। बेचारे पंडितजी को कुछ मालूम नहीं था वो तो पहली बार वीवीआईपी के साथ पूजा करवा रहे थे। स्थानीय प्रमुख नेताओं ने चापलूसी के चक्कर में सोफा लगवा दिया था। इसकी राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा चर्चा रही।
वीडियो में अफसरों की भूमिका
प्रदेश में पिछले दिनों एक वीडियो आया था जिसकी जांच पड़ताल लगभग पूरी कर ली गयी है। जांच पड़ताल में कई अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीरता से विचार- विमर्श शीर्ष स्तर पर की जा रही है। इस मामले में आपसी रंजिश के चलते निपटाने का खेल में प्रशासनिक के अलावा राजनीतिक साज़िश की बात सामने आई है। इसकी रिपोर्ट ऊपर स्तर तक भेज दी गयी है। देखते हैं । चर्चा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगामी दिनों में बड़े फैसले हो सकते हैं ।
वन विभाग में खींचतान…
वन मंत्री केदार कश्यप के विभाग में जबरदस्त तरीके से आपसी खींचतान चल रही है। यह कहा जा रहा है कि वन विभाग के अपर सचिव ऋचा शर्मा पीसीसीएफ आफिस के फाईलों को महीनों लटका दे रही है। मंत्री के बंगले में एक-दूसरी अधिकारी पावर फूल हो गये हैं यह अधिकारी तबादला- प्रमोशन की फाईलों पर पूरी निगाह रखे हुए है। पीएससी में चयनित रेंजर प्रशिक्षण कर लौट चुके हैं। दो महीनों से फिल्ड में पोस्टिंग नहीं की गयी है। इन अफसरों से पहेली पोस्टिंग के लिए फोन कर मनचाहा पोस्टिंग के लिए मांग की जा रही है। पीसीसी दफ्तर में नई पदस्थापना छोटे और बड़े दोनों की फाईल तक अटक रही हैं।

