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107 साल की साधना का प्रतीक है राष्ट्रीय विद्यालय” — स्थापना दिवस समारोह में बोले वरिष्ठ पत्रकार राम अवतार तिवारी

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रायपुर :  रायपुर कचहरी चौक स्थित राष्ट्रीय विद्यालय ने अपने स्थापना के 107 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर आज विद्यालय में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय  सत्यनारायण शर्मा , पूर्व विधायक रायपुर ग्रामीण एवं पूर्व मंत्री छ.ग. शासन थे।

इस दौरान कार्यक्रम में प्रधान संपादक छत्तीसगढ़ वाच  राम अवतार तिवारी, प्रधान संपादक पत्रिका समवेत सृजन  रवि भोई, वरिष्ठ पत्रकार तरुण छत्तीसगढ़ श्री प्रकाश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय विद्यालय समिति के अध्यक्ष  अजय तिवारी, उपाध्यक्ष  मदनलाल तालेड़ा, सचिव श्री नरेशचंद्र गुप्ता , कोषाध्यक्ष  राजकिशोर नत्थानी एवं वरिष्ठ सदस्य श्री गोकुलदास डागा, सदस्य श्री आर.के.गुप्ता,  विजय दानी संस्था सदस्यों में विजय दानी एवं श्रीमती पी.जी.डागा कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ़  संगीता घई एवं समस्त प्राध्यपकगण के अलावा राष्ट्रीय विद्यालय के प्राचार्य  यू.एस.व्यास एवं समस्त शिक्षकगण तथा बाल आश्रम के अधीक्षक अनिल चंद्राकर एवं समस्त स्टाॅफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सत्यनारायण शर्मा जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय समिति के स्थापना के 100 वर्ष हो चुके हैं। यह अपने आप में इतिहास है। उन्होनें कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना एक ऐसे समय में की गई थी जब देश में स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा था, ऐसे में आजादी के दीवानों के बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था के लिए इस विद्यालय की स्थापना हुई जिसमें अमूल्य योगदान सेठ स्व. नेमीचंद जी श्रीश्रीमाल, स्व.  गोविन्दलाल वोरा जी जैसे महान समाजसेवियों का भी रहा है।

उन्होने बताया कि समिति की जड़े बहुत गहरी और मजबूत है क्योंकि किसी भी संस्था का 100 वर्ष पूर्ण करना कल्पना से परे है। आज यह समिति विशाल वृक्ष के रुप में दिखाई दे रही है और इस विद्यालय से पढ़े बच्चें विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन है।

समिति के अध्यक्ष  अजय तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह समिति स्व. माधवराव सप्रे, स्व. सेठ शिवदास डागा, स्व. सेठ बालकिशन नत्थानी के सपनों से सिंचित है, इस विद्यालय की देन है कि यहाॅ से पढ़े हुए बच्चों में आर.पी.शर्मा, श्री सिन्हा उच्च पदो पर रहे। उन्होंने बताया कि 1932 में महात्मा गाॅधी जी का जब रायपुर आगमन हुआ तब वें राष्ट्रीय विद्यालय भी आए थे और विद्यालय की व्यवस्था को देखकर नागपुर में भी राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना कराई।

यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में आज भी अपना अमूल्य योगदान दे रहा है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री रामअवतार तिवारी,  रवि भोई, प्रकाश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि बड़े बुजुर्गो के सपनों से सिंचित इस विद्यालय ने अपने स्थापना के 107 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं यह अपने आप में गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। इसके अलावा समिति के सदस्यों में सचिव श्री नरेशचंद्र गुप्ता,  गोकुलदास डागा ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय विद्यालय के संक्षिप्त इतिहास और संघर्ष को बताया। कार्यकम का समापन प्राचार्य, राष्ट्रीय विद्यालय श्री यू. एस. व्यास के द्वारा आभार प्रदर्शन कर किया गया।

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