मथुरा: आस्था और अंधविश्वास की धुंध में छिपी एक काली सच्चाई ने मथुरा को शर्मसार कर दिया है। संतान की चाह में भटकी एक महिला के साथ तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसा घिनौना खेल खेला गया, जिसकी कहानी सुनकर रूह कांप जाती है। यह सिर्फ एक दुष्कर्म का मामला नहीं, बल्कि आस्था की आड़ में छिपी उस हैवानियत का सबूत है, जो समाज में सदियों से पनप रही है।
आगरा की रहने वाली एक महिला, जिसकी शादी को आठ साल हो गए थे, मां बनने का सुख नहीं मिल पा रहा था। उसकी यही मजबूरी उसे मथुरा के नौहझील क्षेत्र में रहने वाले तांत्रिक मुस्ताक अली के पास ले आई। महिला को क्या पता था कि जिस बाबा पर वह भरोसा कर रही है, वह उसकी आस्था की बलि चढ़ा देगा।
अंधविश्वास का खौफनाक जाल
तांत्रिक मुस्ताक अली ने महिला को संतान प्राप्ति का आश्वासन दिया और उसे तंत्र क्रिया के लिए एक कमरे में बुलाया। कमरे में अगरबत्ती का धुआं किया गया, जिससे महिला की आवाज बंद हो गई। इसी दौरान, आरोपी ने मौका पाकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध करने की कोशिश की, तो उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
अंधविश्वास के इस जाल में फंसी महिला हिम्मत हार चुकी थी। लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाई और सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी मुस्ताक अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63 (दुष्कर्म) और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अंधविश्वास की बेड़ियां तोड़ना जरूरी
आरोपी तांत्रिक फिलहाल फरार है और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि समाज में फैला अंधविश्वास किस हद तक घातक हो सकता है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। वे मांग कर रहे हैं कि ऐसे ढोंगी बाबाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, जो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। यह घटना हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि हमें अपने समाज से अंधविश्वास की बेड़ियों को तोड़ना होगा, ताकि कोई और मुन्नी या सीता इस तरह के खौफनाक जाल में न फंसे।