रायपुर वॉच

तिरछी नजर 👀 : भनक नहीं लगी…..…. ✒️✒️….

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सीएम विष्णु देव साय ने शुक्रवार स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की घोषणा की। बताते हैं कि डिप्टी सीएम विजय शर्मा तक को इसकी भनक तक नहीं थी।
विजय शर्मा दुर्ग में ध्वजारोहण कर रहे थे। उन्हें कार्यक्रम के बाद सीएम के घोषणा की जानकारी हुई। बाद में विजय शर्मा ने सीएम से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
रायपुर पुलिस कमिश्नर के लिए चर्चा भी शुरू हो गई, इनमें एडीजी विवेकानंद, बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला, दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग, और सरगुजा आईजी दीपक झा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

कसेगा विधायक पर शिकंजा

पिछले कुछ महीनों में प्रदेश में कई जगहों पर आयकर के छापे पड़े हैं। आयकर छापा, तो सामान्य बात है और इसे बुरा नहीं माना जाता है। मगर पड़ोस के जिले में एक कारोबारी के यहां छापे में निवेश से जुड़े कागजात भी मिले हैं।
बताते हैं कि निवेश सत्ताधारी दल के विधायक का है। पहली बार के इस विधायक ने माल पानी काफी बनाया, और फिर कारोबारी के यहां निवेश किया। फिलहाल तो अभी कारोबारी से जानकारी ली जा रही है। देर सबेर विधायक को तलब किया जाता है, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

अब केन्द्र की तरफ रुख

प्रदेश के सबसे ताकतवर पुलिस अफसरों में एक तो अब दिल्ली कूच करने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस अफसर ने खुद होकर केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताई है। वो इसके लिए प्रयास भी कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें प्रतिनियुक्ति पर जाने की हरी झंडी मिल जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

राजभवन में नई लकीर खीचनें की कोशिश..

छत्तीसगढ़ के राजभवन में सक्रियता अधिक है। कई नई परंपरा भी शुरू की गयी है। दरबार हाल को बदलकर छत्तीसगढ़ मंडपम कर दिया गया है। 15 अगस्त के अवसर पर अभी तक मंच पर राज्यपाल व सीएम ही रहते थे। इस बार राज्यपाल महोदय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को मंच पर आमंत्रित किया । पूरे कार्यक्रम में साथ रहे। राज्यपाल महोदय ने प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। उसका एक स्मारिका के रूप में विमोचन भी हुआ। 15 अगस्त के कार्यक्रम में महामहिम ने एक नई लकीर खीचनें की कोशिश की है।



कार्यकारिणी का दर्द..

भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद कई लोगों को जगह नहीं मिल पायी वे निराश चल रहे हैं। पुराने कांग्रेसी नेताओं को पार्टी में मिल रही जगह से भी भाजपाई परेशान हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने दर्द का बंया किया है। सोशल मीडिया में हुर्ई नियुक्ति पर ही सोशल मीडिया में कई सवाल दागे जा रहे हैं। नई कार्यकारिणी की गठन के बाद अब निगम मंडल में नियुक्ति होने की आशा में कई दिग्गज नेता समय का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे नेताओं की संख्या काफी ज्यादा है। देखते हैं नाराज नेता का किस्मत खुलता है कि नहीं। इसी माह निगम मंडलों में भी नियुक्ति की चर्चा है।

मंत्री के पुराने स्टाफ बदले..

सरकार के एक दिग्गज मंत्री ने अपने स्टाफ में एक नये सदस्य को जगह दी है। इसके बाद धीरे-धीरे एक एक कर पुराने सदस्यों को बाहर कर दिया है। कई पुराने खिलाड़ी लाख कोशिशों के बावजूद भी मंत्री के स्टाफ में वापसी नहीं कर पाए। मंत्री के स्टाफ में नियुक्ति का खेल दिग्गज अधिकारी खेलते हैं। मंत्री भी उन पर भरोसा करते हुए वर्षो काम करने वाले पुराने लोगों की बिदाई कर दी है। वो मिलने से भी कतराने लगे हैं।

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