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रक्षाबंधन पर नहीं बंधवाएंगे राखी, जब तक नहीं बनेगी सड़क – जनपद सदस्य का भावुक संकल्प

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रक्षाबंधन पर नहीं बंधवाएंगे राखी, जब तक नहीं बनेगी सड़क – जनपद सदस्य का भावुक संकल्प

कोरमी गांव में अतिक्रमण बना विकास में रोड़ा, दो दशक से अधूरी है सड़क

बिलासपुर। कोरमी गांव की अधूरी सड़क अब सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि गांववासियों की पीड़ा और उम्मीद की प्रतीक बन गई है। वर्षों से लंबित इस सड़क निर्माण को लेकर जनपद सदस्य श्याम बर्मन ने गुरुवार को एक भावुक घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक यह सड़क पूरी नहीं होती, वे रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाएंगे, न ही बहनों से राखी बंधवाएंगे।

कोरमी पंचायत भवन के सामने से गुजरने वाला यह मुख्य मार्ग वर्षों से अधूरा पड़ा है। श्याम बर्मन के अनुसार, सड़क का निर्माण पंचायत स्तर पर स्वीकृत हो चुका है, लेकिन एक व्यक्ति द्वारा की गई सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण कार्य रुक गया है। हालांकि संबंधित पटवारी और तहसीलदार ने भूमि को शासकीय घोषित कर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

जनहित में भावुक अपील

श्याम बर्मन ने राज्य शासन और प्रशासन से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि गांव की रीढ़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे इसी अधूरी सड़क पर टेंट लगाकर अनशन पर बैठेंगे।

गांववासियों का फूटा आक्रोश

कोरमी के ग्रामीणों ने जनपद सदस्य के इस संकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि वर्ष 2004-05 से अब तक पंचायत प्रतिनिधि कई बार बदले, लेकिन सड़क नहीं बनी। यह मुद्दा हर चुनाव में उठता है, पर परिणाम शून्य ही रहता है। गांव की सरपंच सुंदरी दीनाराम ध्रुव ने भी इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि पंचायत की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है, दोष प्रशासनिक निष्क्रियता का है।

रक्षाबंधन पर भावनात्मक मोड़

श्याम बर्मन का यह संकल्प कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, वे रक्षाबंधन नहीं मनाएंगे, इस संघर्ष को एक भावनात्मक मोड़ दे देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन बहनों का पवित्र त्यौहार है, लेकिन जब गांव की बहनों को ही आवागमन में तकलीफ हो रही है, तो त्योहार की खुशियां अधूरी हैं।

सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण को जल्द हटाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। उनका कहना है कि यह सड़क सिर्फ सीमेंट और डामर का रास्ता नहीं, बल्कि गांव के विकास, सुरक्षा और सम्मान की डोर है।

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