एनटीपीसी सीपत में बड़ा हादसा: मेंटेनेंस के दौरान भारी कूपर गिरने से एक मजदूर की मौके पर मौत दूसरे ने हॉस्पिटल में दम तोड़ा
ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, किया छह घंटे तक चक्काजाम, मृतक के परिजनों को मिला मुआवजा और नौकरी का आश्वासन
बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत के यूनिट-5 में बुधवार को मेंटेनेंस कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। बॉयलर के पास भारी भरकम 60 टन वजनी ऐश टैंक गिरने से वहां काम कर रहे मजदूर उसके नीचे दब गए। इस हादसे में ग्राम पोड़ी निवासी संविदा मजदूर श्याम साहू की मौके पर मौत हो गई जबकि अन्य मजदूर की हॉस्पिटल में ईलाज के दौरान मौत हो गयी है। इनमें से तीन को मामूली चोट आने पर इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई,
बॉयलर की जर्जर स्थिति की पहले से दी गई थी सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मजदूर लंबे समय से बॉयलर की जर्जर स्थिति की जानकारी प्रबंधन को देते आ रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हादसे के वक्त मजदूर केवल हेलमेट और जूते पहनकर काम कर रहे थे। अन्य किसी प्रकार की सुरक्षा सुविधा नहीं दी गई थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
घायलों के नाम
हादसे में आशीष कंवर, शत्रुघ्न कंवर, आयुष यादव, अनिल कश्यप, अशोक बिंझवार, दिलेश्वर कंवर, जीतेंद्र कंवर, संत साहू इनमें से अशोक बिंझवार, प्रताप सिंह कंवर और संत साहू की हालत गंभीर बताई गई थी जिसमे से प्रताप ने ईलाज के दौरान दुम तोड़ दिया है।
परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश, सड़क जाम
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन एनटीपीसी पहुंचे और मटेरियल गेट के सामने चक्काजाम कर दिया। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और घायलों के समुचित इलाज की मांग की। लगभग छह घंटे तक चला यह चक्काजाम तब समाप्त हुआ जब एनटीपीसी प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा, एक सदस्य को स्थायी नौकरी और हर महीने मजदूरी के बराबर वेतन दिया जाएगा।
रखड़ और प्रदूषण को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों ने केवल हादसे को ही नहीं, बल्कि एनटीपीसी से निकलने वाले राखड़ और उससे होने वाले प्रदूषण को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लगातार राखड़ से गांव की स्थिति बदतर हो गई है और लोगों को सांस सहित कई गंभीर बीमारियां हो रही हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।
शव को रास्ते से वापस लाया गया, परिजनों ने जताया संदेह
मृतक का पोस्टमार्टम सिम्स में करवाने के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया था, लेकिन सरकंडा पहुंचते ही शव को वापस मंगवा लिया गया और मर्चुरी में रखवा दिया गया। इस पर परिजनों और ग्रामीणों ने संदेह जताया। पुलिस ने इसे बयान प्रक्रिया के अधूरे होने का कारण बताया।
पुलिस और प्रशासन का बयान
सीएसपी सिद्धार्थ बघेल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 25 फीट ऊंचे प्लेटफार्म पर रखा भारी कूपर अचानक नीचे गिर गया, जिससे पांच मजदूर दब गए।
वहीं, सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने बताया कि हादसे के बाद चक्काजाम हुआ था, जिसे समझाइश और मुआवजे की घोषणा के बाद समाप्त कराया गया।
एनटीपीसी का आधिकारिक बयान
एनटीपीसी के पीआरओ प्रवीर रंजन भारती ने बताया कि हादसे में घायल मजदूरों का इलाज एनटीपीसी वहन करेगा। मृतक के परिजनों को ईएसआई के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा ठेकेदार और एनटीपीसी की ओर से परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी और मृतक की पत्नी को संविदा श्रेणी में रोजगार प्रदान किया जाएगा। अंतिम संस्कार हेतु 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है।