रायपुर – रायपुर की रहने वाली कक्षा तीसरी में पढ़ने वाली 7 साल की श्रीनिधि को भगवद् गीता के कई श्लोक कंठस्थ याद हैं। वो फर्राटे से श्लोक बिना देखे ही बोल देती है। श्रीनिधि ‘लर्न गीता’ केंद्र से जुड़ी है जहां बच्चों को गीता का पाठ पढ़ाया जाता है। राजधानी रायपुर के मोवा में गीता परिवार ‘लर्न गीता’ कार्यक्रम के जरिये से बच्चों को भगवद् गीता की शिक्षा दे रहा है। यहां पढ़ने वाले बच्चे एक साल में गीता के 12वें, 15वें और 16वें अध्याय के 85 से ज्यादा श्लोक याद कर चुके हैं और पूरे 18 अध्याय के 700 श्लोक याद करने में लगे हैं। ऐसा नहीं है कि वे सिर्फ श्लोक याद कर रहे हैं, इसे अपने जीवन में उतार रहे हैं। बच्चे इसकी नियमित शिक्षा लेने पहुंच रहे हैं। मोवा में बच्चों को गीता की शिक्षा दे रहीं 65 साल की संगीता पांडेय ने बताया की वो करीब 22 बच्चों को वर्तमान में शिक्षा दे रहीं हैं। रायपुर के अशोका हाइट्स सोसाइटी, रोहणीपुरम में रोजाना और गुढ़ियारी स्कूल, डागा कॉलेज के अनाथालय में हफ्ते में एक दिन गीता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। संगीता पांडेय बताती हैं कि करीब पांच साल पहले कोरोना के दौरान इसकी शुरुआत प्रदेश में हुई थी। बच्चों को अध्यात्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे लगातार बच्चे जुड़ते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 40 मिनट की कक्षा होती है। छत्तीसगढ़ में गीता परिवार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बता दें कि गीता परिवार की स्थापना 1986 में महाराष्ट्र के संगमनेर में हुई थी। ऑनलाइन के माध्यम से 180 देशों में 12 लाख से अधिक लोग श्रीमद भगवत गीता का शुद्ध संस्कृत उच्चारण सहित निशुल्क ज्ञान ले रहे हैं।
बच्चे सीख रहे गीता का ज्ञान

