
प्रवासी मजदूर संगठनों का संयुक्त मोर्चा (PMSSM) द्वारा प्रवासी श्रमिकों के बीच जन जागरूकता फैलाने, अखिल भारत स्तर पर विभिन्न राज्यों के प्रवासी मजदूर रहवास स्थलों में जन संपर्क-सभा सह सांस्कृतिक कला जत्था द्वारा नुक्कड़/मचीय सांस्कृतिक प्रस्तुति का कार्यक्रम देगा
कमलेश लव्हात्रे ब्यूरो चीफ
बिलासपुर। PMSSM द्वारा छत्तीसगढ़ के मूल निवासी, जहां-जहां *प्रवासी मजदूर बनकर विभिन्न राज्यों में* गए हैं, वहां पर लोकतंत्र-नागरिक- श्रमिक अधिकारों के प्रति जन जागरूकता फैलाने *जन सभा व सांस्कृतिक प्रस्तुति* देंगे का विशद कार्यक्रम बनाया जा रहा है।
ज्ञात हो कि,छत्तीसगढ़ से लाखों-लाख लोग सपरिवार प्रवासी श्रमिक बनकर उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल आदि स्थलों पर निर्माण कार्य, ईंट भट्ठों पर काम करने जाते हैं।

प्रवासी श्रमिकों के बीच लोकतांत्रिक नागरिक- श्रमिक अधिकारों की जानकारी नहीं होने से बहुत दुखदाई जीवन व्यतीत करना पड़ता है। उनका *चहुंतरफा आर्थिक, शैक्षणिक सांस्कृतिक दोहन- दमन* होता है।
इस दिशा में जन जागरूकता फैलाने के लिए PMSSM द्वारा पिछले दिनों दिनांक *18*-11-23 से *27*-11-23 तक बिलासपुर (छ.ग.) में आवासीय सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन कर *”कनघउवा मंत्र”* लोक नाटक तैयार किया गया और इसका प्रीमियर शो ग्राम *फुलवारी (जिला मुंगेली छ.ग.)* में दिनांक 27-11-23 को किया गया।
इस लोक नाटक को *आशा सुबोध*- *लखन सुबोध* द्वारा लिखा गया है। निर्देशक *मो. रफीक* सहायक निर्देशक *अश्विन वाघेला* (अहमदाबाद गुजरात से पधारे) कोरियोग्राफर *शारदा श्रीवास* रहे। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए करीब 20 कलाकारों को मास्टर ट्रेनर बनाया गया। इस कार्यशाला में *”सेंटर फार लेबर रिसर्च एण्ड एक्शन (CLRA) अहमदाबाद”* का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
PMSSM सभी लोकतंत्र पक्षधर श्रमिक हितैषी व्यक्तियों- संगठनों से अपील किया है कि, इस जन जागरूकता अभियान में *साथ-सहयोग प्रदान* करें।
