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प्रेमिका का कत्ल कर उसकी पंद्रह लाख की फिरौती मांगी पुलिस की की छापेमारी कार्रवाई से डर कर आरोपी ने सरेंडर किया

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प्रेमिका का कत्ल कर उसकी पंद्रह लाख की फिरौती मांगी पुलिस की की छापेमारी कार्रवाई से डर कर आरोपी ने सरेंडर किया

सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। जब जी भर गया तो प्रेमिका की उसके ही प्रेमी ने कत्ल कर उसे दफना दिया। युवती का कसूर सिर्फ इतना ही था कि वह उसे दरिंदे को पहचान नहीं पाई थी और उससे बेइंतहा मोहब्बत करती थी। उसका कसूर यह भी था कि वह ऐसे दरिंदे के साथ विवाह करना चाहती थी। दिल दहला देना यह वाला यह मामला कोरबा का है।, जहां लापता युवती की तलाश उस वक्त पूरी हुई जब उसके ही प्रेमी ने पुलिस के समक्ष समर्पण किया। इसके साथ ही उसके चार अन्य साथी जो इस कत्ल में उसके सहयोगी थे उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

है क्या है पूरा मामला

विदित हो कि बांगो क्षेत्र में रहने वाले कृष्णा विश्वकर्मा की 29 वर्षीय बेटी संतोषी विश्वकर्मा 28 सितंबर को रोज की तरह सिलाई सीखने घर से निकली थी। और फिर उस दिन घर नहीं लौटी। पूरे घर वाले परेशान थे कि कुछ दिनों बाद ही बेटी के मोबाइल से कॉल आया। दूसरी ओर से कॉल करने वाले ने कहा कि अगर बेटी को जिंदा देखना चाहते हो तो पंद्रह लाख रुपए फिरौती दो। घबराकर कृष्णा विश्वकर्मा पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि संतोषी का पाली तानाखार निवासी 31 वर्षीय सोनू लाल साहू के साथ प्रेम प्रसंग था। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल ट्रेसिंग की तो संतोषी और सोनू के लोकेशन भी एक ही मिले। पुलिस ने सोनू की तलाश शुरू की लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगा।
इधर दो महीने तक पुलिस से लुकते छिपते आखिरकार सोनू भी थक गया। इसके बाद आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया । जानकारी होने पर पुलिस ने आरोपी की रिमांड ली और फिर पूछताछ में सोनू ने पूरी वारदात का खुलासा किया। सोनू ने बताया कि उसका संतोषी से पांच छह सालों से प्रेम प्रसंग था। इधर हाल में संतोषी उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, जबकि सोनू उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। इसलिए पूरी योजना बनाकर सोनू 28 सितंबर को संतोषी से मिलने गया। उसके बाद उसे वह अपने साथ पाली तानाखार ले गया। कुछ दिनों तक दोनों साथ रहे। जब सोनू का दिल भर गया तो उसने संतोषी की गला घोंटकर हत्या कर दी। संतोषी की हत्या तो कर दी लेकिन सोनू को लगा कि वह अकेले लाश को ठिकाने नहीं लगा पाएगा, इसलिए उसने अपने दोस्त को बुलाया, जिसने अपने अन्य तीन दोस्तों को भी बुला लिया।पांचो ने मिलकर शव को जंगल में ले जाकर दफना दिया। उन्हें लगा कि जब संतोषी मर ही गई है, तो क्यों ना इससे कुछ पैसे कमा लिए जाए।इसलिए उन्होंने संतोषी की मोबाइल से ही उसके पिता को कॉल कर फिरौती मांगी। लेकिन इसी बीच पुलिस सक्रिय हो गई तो सारे आरोपी फरार हो गए। अब मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोप में प्रेमी सोनू लाल साहू, संदीप भोई, वीरेंद्र भोई, सुरेंद्र भोई और जीवा को गिरफ्तार किया है । सच तो है कि सोनू लाल साहू ने केवल संतोषी का ही नहीं बल्कि उसके भरोसे का भी कत्ल किया है।

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