अंधविश्वास और अपराध: आखिर क्यों करने लगा एक व्यक्ति तंत्र मंत्र
सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। भारत चांद तक जा पहुंचा है। और मंगल एवं सूर्य तक जाने की तैयारी है! लेकिन आज भी इस देश में कुछ नासमझों को लगता है कि जादू-टोना टोटका से शत्रुओं का संहार संभव है। इस ज्ञान विज्ञान और आधुनिकता के समय में भी लोग अंधविश्वास के मकर जाल में फंसे हुए हैं। ग्रामीण ही नहीं कुछ कुपढ़ भी ऐसे ही अंधविश्वास से बंधे हैं। ऐसे ही एक घटना रतनपुर के पास घटित हुई है। ऐसे अंधविश्वासी और गलत किस्म के लोगों की हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई।

वैसे तो रतनपुर पुरातन धार्मिक नगरी है लेकिन यहां रात के अंधेरे में एक ऐसा अधर्म सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गया, जो नगर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। घटना कुछ इस तरह की है कि रतनपुर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक बड़ी बाजार नूतन चौक में रहने वाले एक परिवार के खिलाफ किसी ने अजीब सा षड्यंत्र किया। शनिवार रविवार की दरमियानी रात करीब 3 से 4 बजे उनके घर के सामने एक सफेद रंग की कार आकर ठहरती है। कार के नंबर प्लेट को ढंक दिया गया था, तो वही कार का चालक और पीछे बैठे व्यक्ति का भी चेहरा नकाब से ढका हुआ था। कार के ठहरने के बाद पीछे बैठा व्यक्ति उतरा। उसके हाथ में काले और लाल रंग के कपड़ों में 12 नींबू थे, जिसे वही घर के दरवाजे पर रख दिया गया। फिर उस व्यक्ति ने दिया जलाकर कुछ मंत्र पढ़े और फिर कुछ देर बाद कार में बैठकर दोनों लौट गए।
सुबह जब परिवार उठा और घर के सामने इस तरह की चीजें देखी तो उन्हें भी तंत्र-मंत्र करने का संदेह हुआ। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे गए, तो पूरी घटना की जानकारी हुई। जिस व्यक्ति के घर के सामने यह सब कुछ किया गया है ,वे इनकम टैक्स रिटर्न आदि फाइल करने का काम करते हैं। खास बात यह है कि उनके घर में कुल 12 सदस्य हैं और तंत्र-मंत्र करने वाले ने 12 नींबू बांधे हैं, जैसे कि वह घर के सभी सदस्यों का अहित चाहता हो । कई बार ऐसा भी होता है कि किसी को डराने या फिर उसका घर खाली कराने के उद्देश्य से भी इस तरह के षड्यंत्र किए जाते हैं। कुछ अंध विश्वासी, टोने टोटके पर विश्वास करने वाले भी इस तरह तंत्र-मंत्र कर किसी का अहित करने का सपना देखते हैं। इस हरकत के पीछे ऐसा करने वाली की क्या मंशा है। यह फिलहाल पता नहीं चल पाया है । और यह आगे भी पता चल पाएगा, इसकी भी संभावना कम है। क्योंकि पीड़ित पक्ष ने इतना सब कुछ होने के बाद भी पुलिस के पास जाना जरूरी नहीं समझा । लेकिन अगर कल को इन्हीं के साथ कुछ अनहोनी हो जाती है, तो फिर ऐसे ही लोग पुलिस के सर पर तोहमत लगाने में पीछे भी नही रहेंगे। खैर पीड़ित परिवार भले ही पुलिस के पास ना गया लेकिन पूरे रतनपुर में यह घटना चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।
