गायत्री शक्तिपीठ शिवरीनारायण में एक दिवसीय युवा उत्कर्ष कार्यशाला सम्पन्न।
बिलासपुर/ यू मुरली राव -गायत्री शक्तिपीठ शिवरीनारायण में गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन प्रांतीय संयोजक दीया छत्तीसगढ़ डॉ. पी.एल. साव के नेतृत्व तथा शक्तिपीठ मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्रीमती आशा सुल्तानिया की अध्यक्षता में अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा मण्डल दीया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) छत्तीसगढ़ के सहयोग से 13 अगस्त 2023 दिन रविवार को युवा उत्कर्ष कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न रचनात्मक कार्यों एवं माध्यमों द्वारा युवा शक्ति का नियोजन राष्ट्र निर्माण की ओर प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शांतिकुंज केन्द्रीय प्रतिनिधि श्री योगेंद्र कुमार गिरी (शक्तिपीठ प्रकोष्ठ), श्री जगदीश कुलमी (ऑडिटर, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार), डॉ. कृष्णा झरे (डीन देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार), छत्तीसगढ़ गायत्री परिवार जोन प्रमुख श्रीमती आदर्श वर्मा तथा श्रीमती साधना गायत्री परिवार की उपस्थिति रही एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रांतीय सह संयोजक दीया छत्तीसगढ़ डॉ. योगेंद्र साहू एवं इंजी. युगल किशोर साहू, गायत्री परिवार उपजोन कोरबा प्रमुख श्री दानेश्वर शर्मा, मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी गायत्री शक्तिपीठ बिलासपुर श्री हेमराज वैश्य, समाजसेवी गायत्री परिवार बिलासपुर श्री बृजेश साहू एवं गायत्री परिवार जिला जांजगीर सह समन्वयक महेश्वर कश्यप उपस्थित रहे। अतिथियों के कर कमलों द्वारा मुख्य पूजा वेदी के समक्ष गुरु वंदना-मातृ वंदना व वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। तत्पश्चात तिलक एवं तरुमित्र पौधों के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत-अभिनन्दन किया गया। साथ ही युग गायकों एवं वादकों की संगीत टोली, फूल सिंह राज,दाताराम प्रजापति, शत्रुघ्न कश्यप के द्वारा युवा जागरण प्रज्ञा गीतों के माध्यम से कार्यशाला में आए हुए समस्त युवाओं एवं परिजनों का अभिनंदन स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों के आशीर्वचन के क्रम में सर्वप्रथम शांतिकुंज हरिद्वार केन्द्रीय प्रतिनिधि योगेंद्र कुमार गिरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है। वर्तमान में युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए युवाओं को संगठित करना व उनकी उर्जाओं को सही दिशा में लगाना ही इस कार्यशाला की सार्थकता है। इस आयोजन हेतु उन्होंने शिवरीनारायण शक्तिपीठ की सराहना करते हुए बताया कि इस दिशा में गायत्री परिवार दीया मण्डल छत्तीसगढ़ के द्वारा बहुत ही सराहनीय प्रयास एवं पहल किया जा रहा है। डीन श्री कृष्णा झरे ने गायत्री मन्त्र की शक्ति और ऊर्जा के सन्दर्भ में बताते हुए कि सभी को गायत्री मंत्र अपने जीवन में, अपने व्यवहार में लाना चाहिए गायत्री मंत्र सन्मार्ग की ओर प्रेरित होने का मंत्र है। श्रीमती अतिथि आदर्श वर्मा ने कहा कि गायत्री परिवार लगातार युवाओं के लिए अनेक रचनात्मक आंदोलन कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जैसे पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति अभियान, स्वच्छता अभियान कार्यक्रम, डिवाइन वर्कशॉप, व्यक्तित्व निर्माण कार्यशाला, करियर काउंसलिंग आदि। युवा उत्कर्ष कार्यशाला में पॉवरपॉइंट प्रेसेंटेसन द्वारा डिवाइन वर्कशॉप प्रशिक्षण के माध्यम से मुख्य तीन विषयों युवा कौन, व्यक्तित्व परिष्कार एवं युवा शक्ति का राष्ट्र निर्माण में सुनियोजन विषयों पर प्रकाश डाला गया। जिसमें मुख्य प्रशिक्षक डॉ. योगेंद्र साहू ने प्रशिक्षण के दौरान कार्यशाला में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस दुनिया को बदलने के लिए ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जिनका जीवन उन प्रकाश स्तंभों की तरह हो जो भटके राहियों को दिशा दिखा सके जो पूज्य गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य जी की तरह समाज को सही दिशा दिखाने का साहस रखते हों। प्रशिक्षक कन्हैया चौहान कोरबा ने युवा कौन विषय पर युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा वह है जिनके हाथों में शक्ति हो, पैरों में गति हो, हृदय में उर्जा हो तथा आंखों में सपने हों और मन में उसे पूरा करने का संकल्प हो, जिनके अंदर राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव हो, जिसके शब्दकोश में असंभव शब्द ना हो, जो बाधाओं को चीर कर अपना मार्ग बनाता हो, जो सदैव देश, संस्कृति के लिए तत्पर रहता हो, जो आशा और उमंग से भरा हो, आज ऐसे ही युवाओं की समाज को और देश को आवश्यकता है। प्रशिक्षक युगल किशोर साहू ने बताया की राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र तभी सशक्त बन सकता है जब वहां की युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे स्वस्थ युवा -सबल राष्ट्र, शालीन युवा- श्रेष्ठ राष्ट्र, स्वावलम्बी युवा- सम्पन्न राष्ट्र तथा सेवाभावी युवा- सुखी राष्ट्र।
कार्यशाला के अवसर पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से युवाओं ने प्रगति प्रतिवेदन एवं अपने विचार प्रस्तुत किये। इसमें छत्तीसगढ़ के लगभग 12 जिलों से दीया युवा मण्डलों के युवा भाई-बहनों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पॉवरपॉइंट प्रेसेंटेसन द्वारा आये युवा शक्तियों को संबोधित एवं प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम का संचालन युवा शक्ति श्री अखिलेश सुल्तानिया, श्री वेद प्रकाश थवाईत एवं डॉ. प्रियंका नेताम ने किया। कार्यक्रम में लगभग 500 की संख्या में विभिन्न जिलों से युवा शक्ति, गायत्री परिवार के परिजन-कार्यकर्ता, समाजसेवी आदि सम्मिलित हुए। कार्यशाला के पश्चात श्री पुरुषोत्तम सुल्तानिया, श्री पवन सुल्तानिया, श्री देवेन्द्र अग्रवाल, श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री नरेन्द्र केशरवानी, श्री छतराम श्रीवास, श्री आलोक सुल्तानिया द्वारा समस्त मुख्य अतिथियों को शिवरीनारायण शक्तिपीठ की तरफ से शिवरीनारायण भगवान् की छायाचित्र भेंट स्वरुप प्रदान किया गया।
समस्त विशिष्ठ अतिथियों को दीया मण्डल जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ की तरफ से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम में पधारे समस्त जिलों के दीया मण्डलों को विशेष कार्यों करने हेतु अतिथियों के कर कमलों द्वारा विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया इसमें मुख्य रूप से रायपुर से सौरभ कान्त साहू, देवयांश साहू, जिला कोरबा संयोजक विजेंद्र यादव, जिला कोरिया संयोजक राजेश राजवाड़े, जिला एमसी बी अमर सिंह, जिला बिलासपुर दीया टीम संयोजक सौरभ पाटन वार, देव्यानी साहू, अविनाश साहू, दीपिका साहू, देवेंद्र कांत साहू, आदित्य पाटन वार, जिला मुंगेली से गंगा राम साहू, जिला संयोजक रघुनंदन साहू, जिला रायगढ़ अरुण आर्य, जिला सक्ती से संयोजक जीआर चौहान डभरा, हरीश गोपाल, के बी साहू, चांपा से माखनलाल साहू, राकेश श्रीवास, महिला प्रकोष्ठ पूर्णिमा श्रीवास, दीपक साहू सदस्य, कमल कश्यप, रतनपुर से दीपाली एवं रेणुका अंगूरी जायसवाल,पेंड्रा गौरेला से ओम प्रकाश बलभद्रे, रमेश नेताम, कोरबा से डॉ. शोभना परसाई, सविता साहू, जितेंद्र केवट, जय सिंह राठौर, रामानुजन, वरुण गुप्ता, तानसेन गुप्ता, महावीर प्रसाद, खिलावन पटेल, टिंकू बैसवाड़े, हर प्रसाद केवट, चंद्रकांति वर्मा, राहौद से चोलाराम श्रीवास, मनोज सिंह चौहान, ह्यूमन देवांगन साथ ही रुचि अग्रवाल, मीनाक्षी सोनी, धनंजय श्रीवास, जीतराम साहू, नरेश राठौर, सुशील कश्यप की भी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन तथा शान्तिपाठ के माध्यम से किया गया।