
मातृभाषा में लिखित शोध पत्र केा प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए- कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेयी
बिलासपुर | अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा स्थापित अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केन्द्र के द्वारा ऑनलाईन संकाय विकास कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह संकाय विकास कार्यक्रम 17-22 मई 2023 तक भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली तथा अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केन्द्र अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आर्ट ऑफ राइटिंग रिसर्च पेपर विषय पर आयोजित किया जा रहा है। ऑनलाईन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुये विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेयी ने शोध पत्र के गुणवत्ता को केन्द्र में रखकर नवीन शोध कार्य करने हेतु शोधार्थियों एवं शिक्षकों को प्रोत्साहित किया और कहा कि मातृभाषा में भी शोध को बढ़ावा देना चाहिये, राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी मातृभाषा में शोध तथा अध्ययन -अध्यापन पर जोर देती है। परंतु ऐसा करते हुये हमें वर्तनी, शुद्धता की ओर भी ध्यान देना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक शोध सैद्धांतिक आधार पर किया जाना चाहिये तथा शोध को अध्ययन-अध्यापन के साथ जोड़कर निरंतर किया जाना चाहिये।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये भारतीय विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त सचिव डॉ. अमरेन्द्र पाणी ने अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केन्द्र के स्थापना के पीछे के उद्देश्य को रेखांकित करते हुये कहा कि नवीन तकनीक से संबंधी जानकारी देने के लिये इस केन्द्र की स्थापना की गयी है। पूरे देश में ऐसे 09 केन्द्र स्थापित किये गये है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय भी एक केन्द्र है जो अच्छा कार्य कर रही है। चूंकि संपूर्ण संकाय विकास कार्यक्रम एवं प्रशासनिक विकास कार्यक्रम तकनीक पर आधारित है अतैव इसका संचालन कम्प्यूटर साइंस एवं एप्लीकेशन विभाग द्वारा किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है, कि प्रथम संकाय विकास कार्यक्रम दिसंबर 2022 में आयोजित किया गया था और यह दूसरा संकाय विकास कार्यक्रम है। जिसमें 65 प्रतिभागी विभिन्न राज्यों से सम्मिलित हो रहे है। कुल 12 सत्रों में 12 विशेषज्ञ शोध पत्र लेखन से संबंधी बारीकियों को बतायेंगे तथा विभिन्न सूचना संचार तकनीक जिसे शोध लेखन के लिये प्रयुक्त किया जाता है, के संबंध में विस्तृत रूप से अपनी बातंे रखेंगे।
कार्यक्रम में शोध पत्र लिखने हेतु प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया जावेगा तथा उन्हें शोध पत्र भी जमा करना होगा ताकि वे शोध पत्र की बारीकियों को समझ सके तथा अच्छे शोध पत्र लिख सके।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम के संयोजक डॉ.एच.एस.होता ने स्वागत भाषण देते हुये सभी अतिथियों का स्वागत किया और संकाय विकास कार्यक्रम के उद््देश्यों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और कहा कि छ.ग. जैसे राज्य के लिये यह विषय बहुत ही प्रासंगिक है। इस प्रकार के आयोजन से शिक्षकों और शोधार्थियो को निश्चित रूप से लाभ होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में भारतीय विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न तकनीक से संबंधित विषयों पर 08 संकाय विकास कार्यक्रम ऑनलाईन अथवा ऑफलाईन माध्यम से आयोजित किया जावेगा। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. रश्मि गुप्ता सहायक प्राध्यापक, कम्प्यूटर साइंस एण्ड एप्लीकेशन ने किया।
प्रथम सत्र में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कम्प्यूटर साइंस के प्राध्यापक डॉ. इंगले ने शोध पत्र लेखन के समय ध्यान देने वाली बातों को सरल शब्दों में समझाया तथा शोध पत्र के विभिन्न घटकों को उदाहरण देकर समझाया। उक्त जानकारी हर्ष पांडे जन सूचना अधिकारी अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय द्वारा दी गई।
