
कुसमी विकासखंड के ग्राम पंचायत चांदो में बने गौठान अपनी बर्बादी पर बहा रहा है आंसू।
कुसमी / फिरदौस आलम – कुसमी विकास खंड के चांदो आदर्श गौठान अपनी जमीनी हकीकत का खोद ही खोल रहा है पोल।छत्तीसगढ़ शासन के महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना का हाल जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत काफी बेहाल नजर आ रहा है, ज्यादातर गौठान उपयोगहीन बना कर शासकीय राशि की बर्बादी की गई है।
बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदो का, भ्रष्टाचार की भेट चढ़ा आदर्श गौठान अपनी बर्बादी पर अंशु बहा रहा है।लगभग आधा करोड़ की लागत से बना गौठान मवेशियों के लिए चारागाह तो नहीं बना, लेकिन ग्राम पंचायत में पदस्थ सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक के लिए बड़ा ही फायदेमंद योजना बना, जिससे ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव कागजी, खानापूर्ति करते हुए, लाखों रुपए गौठान निर्माण के नाम पर डकार गए,जिसकी सुध लेने की फुर्सत किसी भी सरकार के नुमाइंदे को नहीं है, या यूं कहें कि जनपद में बैठे अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में संलिप्त होकर शासन की महत्वकांक्षी योजना का पलीता लगा रहे हैं।
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन के महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना का हाल जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत काफी बेहाल नजर आ रहा है, ज्यादातर गौठान उपयोगहीन बना कर शासकीय राशि की बर्बादी की गई है।

जनपद पंचायत कुसमी के चांदो आदर्श गौठान की बात करे तो आधा करोड़ की लागत से बने गोठान में कुछ भी व्यवस्था नहीं है, फिर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि,अन्य ग्राम पंचायतों के गोठान का हाल क्या होगा। सरकार ने अपने इस महत्वकांक्षी योजना के तहत गांव गांव में गौठान का निर्माण अच्छे मानसिकता से किया,ताकि गांव के मवेशियों को एक सही स्थान पर सुरक्षित रखा जा सके, गौठान में रखे जाने वाले मवेशी, आवारा सड़कों पर नजर आ रहे है।
छत्तीसगढ़ शासन के भूपेश बघेल सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना जिले के ग्राम पंचायतों में भ्रष्ट सरपंच, सचिव के वजह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई, निर्माण एजेंसी जिम्मेदार अधिकारी ने शासन की इस महत्वकांक्षी योजना को अपनी जेब भरने का योजना बना, इस महत्वकांक्षी योजना को जिले में फ्लॉप कर दिए, अधिकतर गोठान खाली हैं, लाखों खर्च कर गोठान कागजों में बना दिया है, लेकिन गोठान में एक भी मवेशी नहीं है।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधि भी इस दिशा में ध्यान नहीं दे रहे हैं, अपने गांव क्षेत्र में बनाए गए, गाैठान में मवेशियों को ले जाकर किसान नहीं रख रहे है, उन्हें चारा,पानी नहीं मिल रहा है,जिस लापरवाही के कारण शासकीय राशि का बड़े पैमाने पर पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा बंदरबांट किया गया है।
पंचायतों में सिर्फ गोठान का बोर्ड लगा हुआ है, और एक भी उसमे मवेशी नजर नहीं आएंगे, बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड के चांदो ग्राम पंचायत के, गोठान में मवेशियों के पीने की बनाई गई, पानी का टंकी जर्जर हालत में है,हो सही है,उसका सफाई लंबे समय से नहीं हो पाया है। गौठान निर्माण की गुणवत्ता निहायती घटिया स्तर का किया गया है, जिससे गांव के ग्रामीण किसान अपने मवेशियों को गोठान में रखना नहीं चाह रहे हैं।
हमारे रिपोर्टर फिरदोस आलम के द्वारा ग्राम पंचायत चांदो के ग्रामीणों तथा किसानों से इस संबंध में बात की गई तो, किसानों ने कहा, गौठान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर कागजी निर्माण दिखाकर सरपंच सचिव के द्वारा लाखों रुपए गमन किया गया है, गौठान में व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं है,पशुओं के पीने के लिए पानी, चारा का इंतजाम गोठान में नहीं है, किसी भी तरह का कोई व्यवस्था गोठान में नहीं किया गया है,जिसके वजह से हम लोग अपने मवेशियों को गोठान नहीं ले जा पा रहे हैं।
अब देखने वाली बात यह है कि क्या, खबर प्रकाशन के बाद जिला में बैठे, जिला प्रशासन के लोग, आधा करोड़ की लागत से बने, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाए गए, आदर्श गौठान चांदो के निर्माण एजेंसी पर, शासकीय राशि का वसूली करते हुए, कोई कार्यवाही करते भी है या नहीं।
