
सचिव, सरपंच के द्वारा घटिया नाली निर्माण कर शासकीय राशि का खुलेआम किया जा रहा है बंदर बाट।
कुसमी विकासखंड के ग्राम पंचायत सेरेंगदाग में, निर्माण कार्य के गुणवत्ता की अनदेखी कर, उपयंत्री से सेटिंग के तहत घटिया निर्माण कर राशि का बड़े पैमाने में किया जा रहा है गोल माला।
कुसमी( फिरदौस आलम) कुसमी विकासखंड के ग्राम पंचायत सेरेंगदाग के यादव पारा वार्ड क्रमांक 03 में नाली निर्माण का कार्य किया जा रहा है,जिस निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी करते हुए, स्टीमेट से हटकर घटिया निर्माण करते हुए, संबंधित उपयंत्री से मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर, शासकीय राशि का गोलमाल सरपंच,सचिव तथा तथा उपयंत्री के द्वारा किया जा रहा है, जिसकी सुध लेने की फुर्सत जनपद पंचायत कुसमी में बैठे उच्च अधिकारियों को भी नहीं है।
ग्राम पंचायत सेरेंगदाग वार्ड क्रमांक 03 के ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा की,सचिव,सरपंच की मिलीभगत से इंजीनियर को जानकारी दिए बगैर ही नाली का कार्य चालू करा दिया गया है,वही ग्राम पंचायत के संबंधित उपयंत्री घर बैठे नाली निर्माण कार्य का लेआउट दे रहे हैं, वहीं घर बैठे बगैर नाली की गुणवत्ता का जांच किए बगैर, कार्य का मूल्यांकन का सरपंच, सचिव को उपयंत्री अपनी मोटी रकम की कमाई के उद्देश्य से लाभ पहुंचा रहा है।
हमारे रिपोर्ट फिरदोश आलम ने जब ग्राउंड जीरो पर जाकर मुआयना किया तो, पता चला कि बिना पंचों के सहमति के सरपंच,सचिव की मिलीभगत से, फर्जी तरीके से प्रस्ताव पारित किया गया है, वार्ड वासीयो ने बताया की इस वार्ड में नाली की आवश्यक्ता ही नही थी, सड़क यह पहले से ही सकरा है, और अब नाली बन जाने से और भी सकरा हो गया। जिससे हम वार्ड वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सचिव, सरपंच तथा उपयत्री अपनी काली कमाई करने के उद्देश्य ओचितहीन जगहों पर नाली का निर्माण कर रहे हैं। सड़क सकरा हो जाने से आपात स्थिति में हास्पिटलब्से आने वाली 108 वाहन भी इस सड़क में नही आ पाएगी, घटिया निर्माण कर राशि डकारने के वजह से बनाए गए, नाली बन जाने से अब इस रास्ते से फोर व्हीलर गाड़िया नही आ जा सकेंगी।
नाली का कार्य जब प्रारंभ हुआ था तब हमने इसका विरोध भी किया था।
हमारे रिपोर्ट फिरदोश आलम के द्वारा ग्राम पंचायत सेरेंगदाग के उपसरपंच उमेश यादव से जब नाली निर्माण के बारे में बात की तो, उन्होंने बताया मुझे जब वार्डवासी के द्वारा बताया गया कि, वार्ड में सरपंच के द्वारा नाली निर्माण का कार्य चालू करा दिया गया है, तब मैंने स्वयं जाकर देखा मुझे कार्य में गुणवत्ता नहीं दिखा, इसकी जानकारी मैंने फोन के माध्यम से इंजीनियर रामधनी राम को दिया, उन्हें बताया,नाली अत्यंत ही घटिया निर्माण कराया जा रहा है, बेश का मटेरियल जोकि 40 एम एम गिट्टी होना चाहिए था वह 20 एम एम गिट्टी डाला जा रहा है, छठ भी बहुत कम मात्रा में लगाए जा रहे हैं, नाली का गहराई चौड़ाई काफी हद तक कम है, सचिव सरपंच के द्वारा अतिघटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है, पर अभी तक उनके द्वारा कोई कारवाही नहीं किया गया है।

हमने रिपोर्टर फिरदौस आलम ने जब इंजीनियर रामधनी राम से फोन के माध्यम से बात की तो उन्होंने बताया की मेरे द्वारा लेआउट अभी तक नहीं किया गया है, जनपद से मुझे इसके बारे में कोई आदेश नहीं मिला है, अगर निर्माण कार्य प्रारंभ है, तो मै अभी जानकारी लेता हूं सचिव सरपंच के द्वारा मनमानी तरीके से काम चलु करा दिया गया है, मुझे बताया नही गया है।
वही हमारे रिपोर्टर के द्वारा ग्राम पंचायत के सचिव से जब बात की तो, उन्होंने बताया की, कार्य कल से ही प्रारंभ हुआ है,काम ठीक हो रहा है, कार्य करने वाले ग्रामवासी ही हैं, हमने दूसरे इंजीनियर से लेआउट कराया है ।
अब सवाल यह उठता है कि, क्या ग्राम पंचायत के में पदस्थ उपयंत्री, निर्माण कार्य की लेआउट नहीं दे सकते थे, क्या मजबूरी आन पड़ी थी की, ग्राम पंचायत के संबंधित उपयंत्री लेआउट ना देकर, अन्य उपयंत्री से सचिव ग्राम पंचायत के द्वारा गुपचुप तरीके से लेआउट लिया जा रहा है, इससे साफ जाहिर होता है कि, ग्राम पंचायत सचिव ने भ्रष्टाचार करने के उद्देश से, बाहर के उपयंत्री से, ले आउट कराया है,जो नियम विरुद्ध है।
विडंबना तो यह है कि जनपद पंचायत में बैठे मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायतों का सतत मॉनिटरिंग नहीं करते हैं, इसके वजह से ग्राम पंचायतों में मनमाने तरीके से शासकीय राशि का लूट मचा हुआ है, या यूं कहें कि जनपद पंचायत में बैठे मुख्य कार्यपालन अधिकारी की भी भ्रष्टाचार में संलिप्तता है।
अब देखने वाली बात यह है कि क्या, खबर प्रकाशन के बाद, ग्राम पंचायत के संबंधित उच्च अधिकारी कोई कार्यवाही करते भी है या नहीं।
