मास्टर ट्रेनर द्वारा आपातकालीन रेस्क्यू के तहत घटना, दुर्घटना होने पर किस प्रकार मदद पहुंचाई जा सकती है।
आफ़ताब आलम
बलरामपुर/ समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के तत्वाधान में मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा के अंतर्गत सुरक्षित शनिवार को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण विकासखंड बलरामपुर में दो चरणों में प्रथम चरण 20 एवं 21 मार्च द्वितीय चरण 22 एवं 23 मार्च को संपन्न हुआ।
मास्टर ट्रेनर्स एबीईओ सुनील कुमार गुप्ता एवं दिल हरण लाल ने प्रशिक्षण में विकासखंड अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय से एक एक शिक्षक उपस्थित होकर विद्यालय में आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण आपातकालीन रेस्क्यू के तहत सिर में चोट लगने पर कैसे बैंडेज बनाया जाता है सिखाया गया, हाथ और पैर फैक्चर हो जाने पर किस प्रकार से मदद पहुंचाई जाती है, कृत्रिम श्वसन की विधि हृदयाघात में सीपीआर देने की प्रक्रिया को मास्टर ट्रेनों के द्वारा सिखाया गया।
प्रतिभागियों को भी सभी टेक्निक स्वयं करके देखने के लिए मंच पर बुलाया गया एवं स्वयं करने के लिए प्रेरित किया गया प्रशिक्षण के दौरान बलरामपुर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा बलरामपुर के फायर स्टेशन प्रभारी संजय पटेल, फायरमैन श्रवण कुमार लकड़ा, सुनील एक्का दशरथ राम टोप्पो, उमेश सिंह के टीम द्वारा अग्निशमन सहयोग के रूप में प्रशिक्षण डेमो सहित दिखाया गया बलरामपुर यातायात टीम द्वारा यातायात सुरक्षा नियमों के तहत भी जानकारी दी गई प्रशिक्षण में विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री हरिशंकर सिंह बीआरसीसी अनिल कुमार तिवारी एवं सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के महत्व के बारे में बताया प्रशिक्षक दिल हरण लाल अपने शिक्षकों को विद्यालय समुदाय में आपदाओं के जोखिम की पहचान उनके दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय की समझ विकसित करने साला सुरक्षा कार्यक्रम को नियमित शिक्षण प्रक्रिया में समाहित कर बच्चों में आपदा प्रबंधन की संस्कृति विकसित करने विद्यालय परिसर को आपदा जोखिम से सुरक्षित रखने बच्चों के माध्यम से आपदा से सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने आपदाओं की रोकथाम विशेषकर आपदा पूर्व तैयारियों एवं उसके प्रभाव को कम करने संबंधी प्रशिक्षण दिया गया एपीसी आनंद कुमार गुप्ता बसंत सिंह विनोद पटेल उपाध्याय सर के द्वारा भी मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी देते हुए नियमित रूप से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न कराने में एमपी सहयोगी के रुप में सुवा राम देवांगन एवं अखिलेश मिश्रा के द्वारा भरपूर सहयोग दिया गया। एवं सभी शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा ध्यानपूर्वक ग्रहण किया गया।


