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छत्तीसगढ़ीया ओलम्पिक की तर्ज पर खेलवारी विधानसभा स्तरीय खेल महोत्सव का शुभारंभ 27 सें

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प्रेमलाल पाल धरसींवा :– छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को वैश्विक पहचान दिलाने और लोगों में खेल के प्रति जागरूकता लाने शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया था । इसी तर्ज मे स्व. दाऊ अशोक बघेल मेमोरियल के तृतीय संस्करण का आयोजन ग्राम मेहरसखा मे किया जा रहा है. इस खेल महोत्सव मे विधानसभा की हर पंचायत सें टीमों को प्रवेश दिया जायेगा.इस खेल महोत्सव मे अनेको प्रकार के खेल खेले जायेंगे. जैसे की कबडड़ी जिसमे प्रथम पुरुस्कार 15000, द्वितीय 7000/-, खो-खो प्रथम पुरुस्कार 11000, द्वितीय पुरुस्कार 5000, वॉलीबाल प्रथम पुरुस्कार 11000, द्वितीय 5000, 100 मीटर दौड़ प्रथम पुरुस्कार 5100, द्वितीय 2100, लम्बी कूद प्रथम 5100, द्वितीय 2100, रस्सी कस्सी प्रथम पुरुस्कार 11000, द्वितीय 5000, पीटठुल प्रथम पुरुस्कार 7000, द्वितीय 5000, संखलीं प्रथम पुरुस्कार 5100,द्वितीय 2100, गेड़ी दौड़ प्रथम पुरुस्कार 5100, द्वितीय 2100 पुरुस्कार रखा गया है. साथ ही स्व दाऊ अशोक बघेल मेमोरियल रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता 27 फरवरी सें आयोजन किया शुभारंभ जिया जायेगा जिसमे ओपन मे प्रथम पुरुस्कार 1,11,111/- व द्वितीय 55,555/- रुपय है. एवं ग्रामीण मे प्रथम पुरुस्कार 51,000/- द्वितीय 21,000/- रखा गया है. साथ ही अनेको प्रतिस्पर्धाओं का भी आयोजन किया जा रहा हैं । जीतने वाले प्रतियोगीयों तथा टीमों को आकर्षक पुरस्कार दिये जाएँगे । आयोजक भावेश बघेल क्षेत्र के लोगो में खेल भावना तथा मनोरंजन का माहौल निर्मित करने के लिए ग्रामीण अंचल में यह आयोजन करवा रहे हैं ।

इस खेल महोत्सव के साथ ही श्री शिवमहापुराण कथा का भी आयोजन किया जा रहा हैं । क्षेत्र के शिवभक्तों में इस आयोजन के प्रति काफ़ी हर्ष हैं । खेल और भक्ति के मिश्रण स्वरूप इस आयोजन के प्रति लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी । क्षेत्रवासियों ने बताया की इस तरह का आयोजन इस क्षेत्र के लिए नया हैं जिसमें खेल के साथ भक्ति का मिश्रण हो, हम लोग इस आयोजन के लिए काफ़ी उत्साहित एवं प्रतीक्षारत हैं ।

00 छत्तीसगढ़ की परंपराओं को सहेजने की दिशा में काम कर रहे हैं :– भावेश बघेल

प्रदेश महामंत्री प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओ. बी. सी विभाग़ भावेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने का यह एक बेहतर अवसर मुख्यमंत्री लगातार छत्तीसगढ़ की परंपराओं को सहेजने की दिशा में काम किया है. इसी तर्ज मे विधानसभा स्तरीय खेल महोत्सव खेलवारी का शुभारंभ किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ की अपनी परंपरा और पहचान है। इन खेलों के माध्यम से हमें अपनी जड़ों की तरफ फिर से लौटने का मौका मिला मिलेगा । गांव में इस तरह के आयोजन होने से एक बार फिर इन खेलों की पहचान बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ी इन्हें जान पाएगी। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल व युवा कल्याण विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक कराया था.

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