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Chanakya Niti: बिना अग्नि के ही शरीर को जला देती हैं ये 6 चीजें, व्यक्ति जीवनभर रहता है दुखी

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नई दिल्ली. Chanakya Niti for wife आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार ज्यादातर लोगों को सख्त और कठोर लगते हैं, लेकिन उनकी बातें जीवन का वास्तविक सत्य हैं. उन्‍होंने जीवन में तमाम विषयों का न सिर्फ गहन अध्‍ययन किया, बल्कि आम जिंदगी में काम आने वाली बातों के बारे में लोगों को भी बताया है. आचार्य ने मनुष्य के जीवन से जुड़ी 6 ऐसी बातों का जिक्र किया है, जो मनुष्य को बिना आग के ही जला देती हैं.

कुग्रामवासः कुलहीन सेवा कुभोजन क्रोधमुखी च भार्या।

पुत्रश्च मूर्खो विधवा च कन्या विनाग्निमेते प्रदहन्ति कायम्॥

इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अशिक्षित स्थान पर रहना, नीच व्यक्ति की सेवा करना, पौष्टिकता रहित भोजन करा, झगड़ाली स्त्री, मूर्ख पुत्र और विध्वा कन्या ये सब आसी चीजें हैं, जो शरीर को बिना आग के जलाती रहती हैं.

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इन सब बातों से व्यक्ति जीवन भर दुखी रहता है. इन सब में से सबसे प्रमुख वह स्तान है, जहां व्यक्ति को लगातार रहना पड़ता है. अगर उस जगह रहने वाले लोगों को व्यवहार ठीक नहीं हो तो व्यक्ति हमेशा दुखी ही रहता है. इस प्रकार अगर किसी को नीच व्यक्ति की नौकरी करनी पड़े या उसे बासी और पौष्टिकता से रहित भोजन  करना पड़े तो भी वो हमेशा दुख में ही रहता है.

चणक्य के अनुसार, अगर कोई स्त्री झगड़लू स्भाव की है और हर छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करती हो तो व्यक्ति को गृहस्थ सुख की कभी भी प्राप्ति नहीं हो सकती. मुर्ख पूत्र के होने और घर में विधवा कन्या हो तो यह भी किसी प्रकार के असहनीय पीड़ा से कम नहीं है.

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